जिले की शाही लीची अब हवाई उड़ान भी भरेगी। पहली बार यह साेमवार काे पटना से एराेप्लेन से मुंबई भेजी जाएगी। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर की शाही लीची काे महानगराें तक भेजने के लिए सड़क, रेल व हवाई तीनाें मार्गाें की सुविधाएं मिलने लगेंगी। अभी यह ट्रेन से 240 क्विंटल और ट्रकाें से 160 टन प्रतिदिन महानगराें काे भेजी जा रही है। धीरे-धीरे इसमें और वृद्धि हाेगी। इसके साथ ही लीची बिक्री की किसान व व्यापारियाें की समस्या भी लगभग दूर हाे गई है। गाैरतलब है कि लगातार दूसरे वर्ष लीची के समय में ही काेराेना संक्रमण में वृद्धि व लाॅकडाउन काे लेकर लीची किसान समेत व्यापारी भी काफी चिंतित थे।
किसान-व्यापारियाें की पहल पर प्रशासन व सरकार की ओर से भी सहयाेग मिला। पहले रेलवे ने स्वीकृति दी, उसके बाद ट्रांसपाेर्ट और अब एराेप्लेन से भी भेजे जाने की भी व्यवस्था की गई है। 18 मई काे पहली बार पवन एक्सप्रेस से करीब 75 क्विंटल लीची बाहर भेजी गई। 22 मई से ट्रेन से करीब 240 क्विंटल और ट्रक से 160 क्विंटल प्रतिदिन भेजी जा रही है। सोमवार से प्रतिदिन पटना से एक से दो टन शाही लीची मुंबई के लिए उड़ान भरेगी। उधर, दरभंगा एयरपाेर्ट प्रबंधन से भी बात चल रही है। शीघ्र ही वहां से भी भेजे जाने की उम्मीद है।
स्टेशन रोड में उतर गई लीची आज से बाजारों में भी मिलेगी
लॉकडाउन के कारण इस बार लीची की खुदरा मार्केटिंग अब तक शुरू नहीं हाे पाई है। जिला व अासपास के लाेगाें काे इसका स्वाद चखने के लिए अब तक इंतजार करना पड़ा है। इससे किसानाें काे भी नुकसान हुआ है। वैसे रविवार को स्टेशन रोड में 100 से 140 रुपए प्रति सैकड़ा लीची मिलने लगी। कुछ किसानाें का कहना है कि साेमवार से यह स्थानीय सभी बाजाराें में भी उतर जाएगी।
ट्रक से अभी दिल्ली, अमृतसर, जयपुर समेत यूपी के कई शहराें में जा रही
ट्रक से 160 टन शाही लीची प्रतिदिन महानगराें में भेजी जा रही है। हालांकि, अभी ट्रक से मुंबई नहीं गई है। हर दिन दिल्ली 5 ट्रक, गोरखपुर 4, कानपुर 4, आगरा 3, जयपुर 2 समेत अमृतसर, बरेली, बनारस-बस्ती-इलाहाबाद अादि जगहाें पर एक-एक ट्रक भेजी जा रही है। बिहार लीची उत्पादक संघ के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह ने बताया कि चाइना लीची निकलने पर ट्रक से मुंबई भी भेजी जाने लगेेगी। उधर, पटना एयरपोर्ट से 1 से 2 टन प्रतिदिन भेजने के लिए बात हाे गई है। दरभंगा से अभी बात चल रही है।





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