ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीजों के इलाज के लिए एसकेएमसीएच में शुक्रवार से ओपीडी शुरू कर किया गया। ओपीडी में आंख व नाक, कान, गला व न्यूरो विभाग के चिकित्सक मौजूद रहेंगे। विभागाध्यक्ष की देखरेख में ओपीडी चलेगी। ब्लैक फंगस की पुष्टि होने पर मरीज का एसकेएमसीएच में इलाज किया जाएगा।
एसकेएमसीएच उपाधीक्षक डॉ. गोपाल शंकर सहनी ने बताया कि एसकेएमसीएच का जनरल वार्ड पांच इसके लिए चिह्नित किया गया है। यहां सभी संबंधित विभागों के चिकित्सक ब्लैक फंगस वाले मरीजों का इलाज करेंगे। यहां पोस्ट कोविड का इलाज भी किया जाएगा। वहीं, प्राचार्य डॉ. विकास कुमार ने बताया कि ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जाएगी। यदि मरीज मिलते हैं तो उनका इलाज अस्पताल में किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर एम्स के डाक्टरों की भी सलाह ली जाएगी।
उन्होंने बताया कि आंख, नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञों की पूरी टीम है। जिन्हें इलाज में लगाया गया है। इलाज में कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेट कोविड मरीजों को ब्लैक फंगस का खतरा बिल्कुल नहीं है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. बाबू साहेब झा ने बताया कि ब्लैक फंगस के इलाज के लिए डॉक्टरों की टीम तैयार की गई है। कोविड मरीज को ऐसी समस्या हो रही है, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है।





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