जाप सुप्रीमो पप्पू यादव ने सूबे के मुखिया नीतीश कुमार को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि बच्चों में कोरोना प्रसार की संभावना, ब्लैक फंगस, व्हाइट फंगस की गंभीरता को देखते हुए वह यह पत्र लिखने के लिए विवश हुए हैं. उन्होंने कहा कि महामारी में राज्य के नागरिकों का दु:ख, दर्द और हताशा किसी से छिपा नहीं है. अभी तक कोरोना, ब्लैक फंगस की समस्या से जूझ रहे विशेषकर पटना के लोग अब व्हाइट फंगस मिलने से काफी घबड़ा गए हैं. इससे अस्पतालों में अफरा-तफरी मच गई है.
पप्पू यादव ने कहा कि व्हाइट फंगस, ब्लैक फंगस से भी खतरनाक है. डॉक्टरों ने माना है कि इस बीमारी का स्वरूप कोरोना से काफी मिलता-जुलता है. ऐसे में सही जांच न होने से बीमारी का सही पता लगा पाना काफी कठिन है. बीमारी की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसे महामारी घोषित किया है. पप्पू यादव ने अपील की कि राज्य में जब तक महामारी है, सभी जांच केंद्र सरकारी नियंत्रण में लिया जाय. सालाना तीन लाख से कम आमदनी वाले परिवार में संक्रमित सदस्यों की नि:शुल्क जांच करवाई जाय.
ब्लैक और व्हाइट फंगस से बचाव के लिए समय रहते पहले से ही मेडिसीन की व्यवस्था कर ली जाय. कोरोना के नए स्वरूप जिसमें बच्चे संक्रमित पाए जा रहे हैं, गांव, प्रखंड और वार्डों में स्वास्थ्य सुविधाएं लागू की जायं. गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले लोगों की इम्युनिटी पॉवर बढ़ाने के लिए उन्हें नि:शुल्क मेडिकल सप्लिमेंट उपलब्ध कराया जाय. इन सारी तैयारियों के लिए विधान परिषद तथा विधानसभा में पूर्व और मौजूदा सदस्यों की एक साल की सैलरी, भत्ता, पेंशन को इस पुनीत कार्य में लगाया जाय. उन्होंने कहा कि इससे बिहार सरकार के कंधों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और गरीबों की मदद भी हो जाएगी.





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