बिहार में मानसून को किसानों के लिए जुआ कहा गया है. शायद ही कभी मानसून की एंट्री बिहार में समय पर होती है. वैसे 10 जून की तिथि मानसून के प्रवेश करने के लिए मानक है. लेकिन हमेशा से इसकी लेटलतीफ होती रही है. हालांकि कभी-कभी यह समय पर भी आ जाता है. इस बार बिहार में 13 जून के पहले मानसून के आने की कोई उम्मीद नहीं है.
मौसम विभाग की मानें तो इस साल बिहार में मानसून के 13 जून के बाद आने की उम्मीद है. कहा गया है कि 13 से 18 जून तक यह बिहार में प्रवेश कर सकता है. इसके पहले अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 22 से 23 मई के बीच मानसून के आने की उम्मीद है. यह एक जून तक केरल में प्रवेश करेगा. इसके बाद पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार की ओर रुख करेगा. बिहार में पूर्णिया के रास्ते आएगा और 22 जून तक बिहार के तमाम जिलों में इसका प्रभाव दिखने लगेगा. इस बार तेज हवाओं के साथ मध्य और उच्च स्तर की बारिश होने की उम्मीद मौसम विभाग ने जताई है.
क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक
मानसून की सटीक भविष्यवाणी करना अभी संभव नहीं है. दरअसल, बिहार में मानसून की शुरुआत बंगाल की खाड़ी में इसके तेज और धीमी गति पर डिपेंड करती है. बंगाल की खाड़ी में एक कर्व बनने के बाद मानसून यहां के तटवर्ती क्षेत्रों में प्रवेश करता है. इसके बाद हवा के रुख और मानसूनी गति की वजह से यह बिहार के मैदानी हिस्सों से होते हुए उत्तर प्रदेश में प्रवेश करता है.
– संजय कुमार, मौसम वैज्ञानिक


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