कोरोना महामारी के बीच पटना IGIMS के MBBS डॉक्टरों ने हड़ताल कर सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. आईजीआईएमएस में 50 के करीब एमबीबीएस इंटर्न हड़ताल पर चले गए हैं. इनलोगों ने काम-काम ठप कर दिया है. अस्पताल निदेशक के कार्यालय के समक्ष ये सभी धरने पर बैठ गए हैं. हाथों में मांगों वाली तख्ती लेकर ये सभी धरने पर बैठे हैं.
इंटर्न डॉक्टरों ने सरकार से कोविड ड्यूटी के दौरान बीमा कराने और मानदेय बढ़ाने की मांग की है. सभी इंटर्न निदेशक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं. ये इंटर्न पिछले 15 दिनों से कोविड मरीजों का इलाज कर रहे थे. उधर पटना एम्स के रेजीडेन्ट डॉक्टरों ने 24 मई से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है. आरडीए अध्यक्ष डॉक्टर विनय ने इसकी घोषणा की है. इन्होंने बताया कि रेजीडेन्ट डॉक्टरों के लिए एम्स में बेड रिजर्व नहीं है. इस कारण इलाज में काफी दिक्कत होती है. कम से कम अस्पताल में रेजीडेन्ट डॉक्टरों के लिए 20 बेड रिजर्व होना चाहिए.
इसके अलावे इनकी एक और मांग है. कोविड ड्यूटी के बाद 8 दिनों का ऑफ दिया जाए. आरडीए अध्यक्ष डॉक्टर विनय ने बताया कि कोविड ड्यूटी के बाद रेजीडेन्ट डॉक्टरों को एक सप्ताह का ऑफ मिलना चाहिए. लेकिन ऐसा अभी नहीं किया जा रहा है.
कोरोना महामारी के बीच पटना एम्स के रेजीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी देकर सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. आरडीए अध्यक्ष डॉक्टर विनय ने कहा कि रेजीडेंट डॉक्टर दिन-रात कोरोना मरीजों के इलाज में लगे हैं. ऐसे में यदि वे कहीं खुद कोरोना संक्रमित हो गए तो उन्हें समुचित इलाज मिलना चाहिए. लेकिन कई बार बेड मिलने में दिक्कत आ रही है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मांग नहीं मानी गई तो 24 मई से सभी रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले जाएंगे.


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