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बिहार में लॉकडाउन से कराह रहे मिथिला पेंटिंग के हजारों कलाकार, मधुबनी में रोजी रोटी पर भी आफत

कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन लगा है। लॉकडाउन से पिछले साल की तरह इस बार भी व्यापारी से लेकर किसान परेशान हैं। लॉकडाउन का असर मिथिला पेंटिंग के कलाकारों पर भी पड़ा है। मधुबनी में इसके सात हजार से अधिक कलाकार हैं। कोरोना की दूसरी लहर के चलते कलाकार प्रभावित हुए हैं। अप्रैल से अब तक करीब एक करोड़ से अधिक का मिथिला पेटिंग का कारोबार प्रभावित हुआ है। जाहिर है कि मिथिला पेंटिंग का डिमांड देश दुनिया में सालों भर रहती थी। मगर, इस वर्ष के लॉकडाउन में मिथिला पेंटिंग्स के अलावा मिथिला पेंटिंग्स वाले मास्क की भी डिमांड काफी कम देखी जा रही है। हालांकि जिले के तकरीबन सात हजार मिथिला पेंटिंग कलाकारों में से गिने-चुने कलाकार ही वर्तमान में मिथिला पेंटिंग्स वाले मास्क तैयार कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं।

— लॉकडाउन के समय कलाकारों की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। कलाकारों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने के लिए सरकार को अलग से राहत के लिए प्रयास करना चाहिए। कलाकारों की आमदनी रुक जाने से कलाकार काफी परेशान हो गए हैं। – बौआ देवी, पद्मश्री सम्मान प्राप्त कलाकार

— ‘पिछले वर्ष लॉकडाउन में एक पेंटिंग ऑनलाइन तकरीबन 50 हजार में बिक्री हुई थी। मगर, इस वर्ष अब तक ऑनलाइन पेंटिंग की डिमांड नहीं आई है। हालांकि लाॅकडाउन में कुछ पेंटिंग बनाने में समय गुजार रही हूं।’ – दुलारी देवी, पद्मश्री सम्मान प्राप्त कलाकार

— ‘पिछले वर्ष लॉकडाउन के समय सरकार द्वारा कलाकारों से मिथिला पेंटिंग खरीदने की घोषणा की गई थी, ताकि कलाकारों को कुछ राहत मिल सके। मगर, इस वर्ष भी अब तक सरकार द्वारा मिथिला पेंटिंग खरीदने की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है।’ – अमित कुमार झा, राज्य पुरस्कार प्राप्त कलाकार

— “पिछले वर्ष लॉकडाउन अवधि में ऑनलाइन पेंटिंग की बिक्री भी होती रही। मगर इस वर्ष पेंटिंग की डिमांड काफी कम है। हालांकि लाॅकडाउन में ऑनलाइन कलाकारों को निशुल्क ट्रेनिंग देने का कार्य कर रहीं हूं।’ – किरण झा, मिथिला पेटिंग कलाकार

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