अमृतसर और मुंबई के लिए बुधवार को मुजफ्फरपुर और दरभंगा से करीब 700 पेटी लीची रवाना की गई। कोरोना काल में भी वहां के लोग यहां की लीची का स्वाद ले सकेंगे। रेल लीची व्यवसायी संघ के अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि सहरसा-अमृतसर जनसाधारण एक्सप्रेस से 150 पेटी लीची अमृतसर के लिए भेजी गई है। वहीं पवन एक्सप्रेस में दरभंगा और मुजफ्फरपुर दोनों जगहों से साढ़े छह सौ लीची का पेटियां भेजी गई हैैं। उन्होंने कहा कि यह व्यापार 20 दिनों तक ही चलता है। उसके बाद लीची खत्म हो जाती है। मुजफ्फरपुर के व्यापारियों की मुंबई, दिल्ली, पंजाब, अमृतसर जहां-जहां गद्दी है, वहां भेज रहे हैं। वहां से भी व्यापारी इसे हवाई जहाज से विदेश भेजते हैंं। हालांकि इस बार कोरोना काल में ऐसी स्थित नहीं दिखाई दे रही।
बिहार लीची उत्पादक संघ के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद ने कहा कि अपने फायदे के लिए रेलवे के कुछ कांट्रेक्टर ने अधिकारियों पर दबाव बनाकर चालबाजी से 2018 में मुजफ्फरपुर रेलवे पार्सल से लीची की ढुलाई बंद कर दी थी। इस बार रेलवे बोर्ड के आदेश से तीन साल बाद फिर से लीची की ढुलाई रेलवे से शुरू हुई। इससे व्यापारियों और किसानों को काफी राहत मिलेगी।





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