अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को गुजरात और दीव में चक्रवाती तूफान ‘टाउते’ से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया. उन्होंने कहा कि चक्रवात से प्रभावित सभी राज्यों के साथ केंद्र सरकार मिलकर काम कर रही है.
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात ‘टाउते’ से गुजरात में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. इस दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री भी बैठक में उपस्थित रहे. इसके साथ ही पीएम मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर मुंबई में ओएनजीसी बार्ज पर कर्मियों को बचाने के लिए चलाए जा रहे अभियान का भी जायज़ा लिया.
इससे पहले चक्रवात ‘टाउते’ के कारण हुए नुकसान और स्थिति की निजी तौर पर समीक्षा करने के लिए गुजरात के भावनगर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रदेश के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने एयरपोर्ट पर स्वागत किया.
गुजरात में तूफान टाउते की वजह से 45 लोगों की मौत
गुजरात के 12 जिलों में चक्रवाती तूफान टाउते के कारण करीब 45 लोगों को मौत हो गई है. अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि चक्रवात से सबसे बुरी तरह प्रभावित सौराष्ट्र क्षेत्र में 15 लोगों की मौत हो गई. यह तूफान सोमवार रात (17 मई) को अत्यधिक भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में राज्य के तट से गुजरा और देर रात डेढ़ बजे के आस-पास इसने राज्य में दस्तक दी. राज्य आपदा अभियान केंद्र के एक अधिकारी ने बताया कि भावनगर और गिर सोमनाथ तटीय जिलों में आठ-आठ लोगों की मौत हुई.
अधिकारी ने बताया कि अहमदाबाद में पांच, खेड़ा में दो, आनंद, वडोदरा, सूरत, वलसाड, राजकोट, नवसारी और पंचमहल जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौ’त हुई. उन्होंने बताया कि 24 लोगों की मौत तूफान के दौरान दीवारें गिरने की वजह से हुई, वहीं छह लोगों की मौ’त उन पर पेड़ गिरने से हुई. पांच-पांच लोगों की मौ’त घर ढहने और करंट लगने से, चार लोगों की मौत छत ढहने से और एक व्यक्ति की मौत टावर गिरने की वजह से हुई.





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