मुजफ्फरपुर ।
शहरी क्षेत्र में लोगों के घरों में प्रयुक्त हजारों गैलन पानी नालियों में बहा दिया जाता है। आधा पानी नालियों से होते हुए बूढ़ी गंडक में चला जाता है और आधा फरदो नाला से होते ही ग्रामीण इलाके में। इस तरह जमीन से निकाला गया हजारों गैलन पानी बेकार चला जाता है। यदि लोगों के घरों से निकलने वाले पानी का उपचार कर दिया जाए तो इसका उपयोग सिंचाई कार्य में किया जा सकता है। इससे सिंचाई के लिए भू-जल के संचित भंडार का दोहन कम होगा। शहर से निकलने वाले गंदा पानी का उपचार कर नदियों में प्रवाहित किया जाए तो सूख रही नदियों को राहत मिलेगी। साथ ही गंदा पानी से नदी को नुकसान भी नहीं पहुंचेगा।





Leave a Reply