लाॅकडाउन के बीच लीची ढुलाई के लिए रेलवे की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है। दिल्ली-मुंबई के लिए नियमित स्पेशल ट्रेन के साथ महाराष्ट्र के देवलाली के लिए सप्ताह में तीन दिन किसान स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। पिछले तीन दिनाें से शाही लीची की कुछ खेप दिल्ली भी भेजी गई। साेमवार से पवन एक्सप्रेस में 400 पेटी लीची मुंबई गई। वहीं, सड़क मार्ग से विभिन्न शहराें में लीची भेजने के लिए किसान ट्रांसपाेर्ट कार्यालय के खुलने का इंतजार कर रहे हैं। ट्रांसपोर्ट कार्यालयों के नहीं खुलने से किसान व व्यापारी परेशान हैं। हालांकि, दो दिनों से किसान व व्यापारियों को बगीचे के साथ जिले में विभिन्न स्थानों पर जाने के लिए तेजी से पास निर्गत किए जा रहे हैं। इससे उनमें खुशी का माहौल है। जिला प्रशासन ने बिहार लीची उत्पादक संघ के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह के साथ बैठक कर किसानों को सभी सुविधाएं देने की घोषणा की है।
लीची टास्क फोर्स के अध्यक्ष डीडीसी सुनील झा ने किसानों की समस्या समाधान के लिए सहायक निदेशक उद्यान उपेंद्र कुमार को अनुशंसा भेजने का निर्देश दिया है। लेकिन, अब तक लीची को बाहर भेजने के लिए प्रमुख ट्रांसपोर्टरों के कार्यालय बंद हैं। प्रशासन से जीबी रोड वेज मुजफ्फरपुर, चंडीगढ़ रोडवेज, जय माता ट्रांसपोर्ट, पप्पू कॅरिअर कॉरपोरेशन व दीपक ट्रांसपोर्ट कॅरिअर कॉरपोरेशन के कार्यालय को खोलने की अनुमति का आवेदन दिया गया है।
जल्द जारी होगा ट्रांसपोर्ट कार्यालय खोलने का आदेश
बैठक में लिए गए निर्णय के बाद दो दिनों में 250 किसानों के वाहनों को लॉकडाउन के दौरान चलाने की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही डब्बे की पैकिंग के लिए कागज की दुकान खोलने के आदेश दिए जा चुके हैं। कृषि कार्य पर किसी प्रकार की रोक नहीं होने की जानकारी भी पुलिस अधिकारियों को दी गई है। जल्द ही ट्रांसपोर्ट कार्यालय के खोलने के आदेश भी निर्गत किए जाएंगे। – उपेंद्र कुमार, सहायक निदेशक उद्यान





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