कोरोना वायरस से लड़ते हुए भारत को अब डेढ़ साल हो गया है. इस महामारी ने शुरुआत में तो बड़े शहरों में जमकर तबाही मचाई, लेकिन अब जब कोरोना की दूसरी लहर ने अपने पैर पसारने शुरू किए तो इसने ग्रामीण इलाकों में प्रवेश कर लिया है. यही कारण है कि केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार हर कोई चिंतित है और एक्सपर्ट्स लगातार गांवों को बचाने की अपील कर रहे हैं.
केंद्र सरकार ने इस बाबत पर सभी राज्यों को गांव स्तर पर कोविड केयर केंद्र बनाने का निर्देश जारी किया है ताकि कोविड संक्रमित लोगों का सही इलाज किया जा शहर से सटे ग्रमीण इलाको में 30 बेड का कोविड केयर केंद्र बनाया जाए. साथ हीं, कोरोना की जांच के काम के लिए भी निर्देश दिए.
अग्रिम मोर्चे के कर्मचारी स्वयंसेवक शिक्षक घर-घर जाकर बीमार मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे और आवश्यक सावधानियों की जानकारी देंगे. जिस मरीज की हालत थोड़ी खराब लगेगी उसे कोविड केंद्र में एडमिट किया जाएगा. स्कूल, पंचायतघर और सामुदायिक केंद्र में यह कोविड केयर केंद्र बनाए जाएंगे. केंद्र सरकार ने ये निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों, स्वास्थ्य केंद्र , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रैपिड एंटीजन जांच किट जरूर उपलब्ध होनी चाहिए.




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