सिवान. दिनदहाड़े सिवान में गोलियों की तड़’तड़ाहट हुई तो पहले भगदड़ मची और उसके बाद जब सन्नाटा छाया तो गोलियों से छलनी बाबर मियां की लाश पड़ी थी. कुख्यात गैंगस्टर बाबर मियां को एक गैंग’वॉर में मौ’त के घाट उतारने की यह घटना शनिवार को हुई लेकिन पुलिस को मौका ए वारदात से न तो कोई चश्मदीद गवाह हाथ लगा और न ही कोई खास सबूत या सुराग. बताया जा रहा है कि पुलिस मामले में तफ्तीश के लिए कॉल डिटेल्स खंगाल रही है.
सिवान में तब सनसनी फैल गई जब सराय थाना क्षेत्र में सरेआम सड़क पर गोलीबारी में बाबर अली उर्फ बाबर मियां को मार डाला गया. पिछले करीब 10 सालों से ज़मीन और प्रॉपर्टी के कारोबार में लगा हुआ बाबर कुख्यात अपराधी रहा है, जिसके खिलाफ कई आपराधिक केस चल रहे थे.
मौका-ए-वारदात का ब्योरा?
खबरों की मानें तो बाबर मियां उर्फ बाबर अली शनिवार को निजी काम से सराय थाना क्षेत्र में बाइपास रोड से जा रहा था. तभी, बाइक सवार कुछ लोगों ने उसे जरती माई मंदिर के पास घेर लिया. देखते ही देखते ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगीं, जिसमें बाबर की जान गई.


सिवान में हुई गैंग वॉर में मारे गए बाबर मियां का मोबाइल फोन पुलिस को मौके पर नहीं मिला.
पुलिस का क्या मिला सुराग?
दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद कोई चश्मदीद गवाह पुलिस को नहीं मिला है. पुलिस के हवाले से कहा गया कि बाबर की बाइक घटनास्थल से बमुश्किल 10 मीटर दूर बरामद हुई. पुलिस का अंदाज़ा है कि उसे करीब से गोली मारी गई. लेकिन, पुलिस को कोई खाली कारतूस तक न मिलने की खबरें हैं. साथ ही, बाबर का सेलफोन मौके से गायब था. परिवार से बाबर का मोबाइल नंबर पता लगाकर पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड जुटाने की कोशिश कर रही है.
बाबर की हिस्ट्री और शहाबुद्दीन कनेक्शन?
पुलिस के अनुसार बाबर के खिलाफ सिवान के कई थानों में कम से कम दो दर्जन गंभीर क्रिमिनल केस हैं. रिकॉर्ड्स बताते हैं कि बाबर के खिलाफ सिर्फ मुफस्सिल थाने में ही 19 मामले हैं. पिछले महीने ही एक अपहरण के मामले में पुलिस उसे तलाश रही थी, जबकि अगवा किए गए पीड़ित की लाश अब तक नहीं मिली.
वहीं, बताया जाता है कि बाबर एक वक्त सिवान के दिवंगत पूर्व सांसद और बाहुबली डॉन शहाबुद्दीन का खास रहा था। पुलिस भी बता चुकी है कि बाबर मियां ने एक बार शहाबुद्दीन के लिए भी काम किया था.





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