कोरोना महामारी में पूरा राज्य तबाह है. संक्रमण की वजह से अभी तक करीब 10 हजार से अधिक लोगों की मौतें हो चुकी हैं. दूसरी लहर में सबसे अधिक ग्रामीण इलाकों में तबाही मची हुई है. ऐसे में जांच, दवा और इलाज से थक-हारकर लोगों ने कोरोना वायरस को भगाने के लिए पूजा-पाठ का शरण ले लिया है. वह तांत्रिक पूजा और अनुष्ठान पर भी उतर आए हैं.
ताजा मामला गया जिले से सामने आया है. जिले के कालीबाड़ी मंदिर में विश्व शांति की कामना करते हुए यहां के लोगों ने एक विशेष तांत्रिक पूजा का आयोजन किया. जिसमें बकरे के सिर पर कपूर, रोरी रखकर घंटों तंत्र-मंत्र का जाप किया गया और फिर उसकी बलि दी गई. महामारी में असमय लोगों को लीला है. बहुसंख्य लोग ऐसे हैं, जिन्होंने आर्थिक अभाव की वजह से माकूल तरीके से अपना इलाज तक नहीं करवा पाए. असमय ही उन्हें यह संसार छोड़ना पड़ा. महामारी से जूझ रहे इन्हीं तबके के बीच से अब कुछ लोगों ने कोरोना मुक्ति के लिए अब अपने घरों से लेकर सार्वजनिक स्थलों पर हवन-पूजन शुरू कर दिया है.
कुछ लोग तंत्र-मंत्र का भी सहारा ले रहे हैं. इसी की बानगी गया में तांत्रिक पूजा के रूप में सामने आया. फिलहाल, उनके इस तांत्रिक पूजा से कोरोना से मुक्ति मिलेगा या नहीं, यह तो समय बताएगा, लेकिन यह अनुष्ठान अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.






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