बिहार में कोरोना की दूसरी लहर के बीच टेंडर वाले स्वास्थ्यकर्मियों ने सरकार की टेंशन बढ़ा दी थी. वे लोग हड़ताल पर चले गए थे. इससे स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ गई थी. हड़ताल तोड़ने के लिए भी कहा गया, लेकिन वे लोग नहीं माने. लेकिन जब पटना हाईकोर्ट एक्शन में आया तो उन सबों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में हड़ताल तोड़ दी.
मिल रही जानकारी के अनुसार, कोरोना मामले पर गुरुवार को पटना हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही थी. चीफ जस्टिस संजय करोल के खंडपीठ में सुनवाई की जा रही थी. इसी मामले में संविदाकर्मियों के हड़ताल पर जाने की बात भी उठी. इसके बाद पटना हाईकोर्ट ने हड़ताल पर जाने वाले कर्मियों को नोटिस जारी किया गया. इसके बाद बिहार राज्य संविदा स्वास्थ्य कर्मी संघ ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की.
बताया जाता है कि राज्य सरकार ने संविदाकर्मियों की मांगों पर विचार कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया है. इस मामले पर अगली सुनवाई 23 जून को होगी. गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग में तैनात संविदाकर्मी अपनी मांगों को लेकर होम आइसोलेशन में चले गए थे. इससे कोरोना संकट में स्वास्थ्य विभाग के काम पर असर पडद्यने लगा था. लेकिन अब संविदाकर्मियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली.




Leave a Reply