जन अधिकार पार्टी के मुखिया और पूर्व सांसद पप्पू यादव को आज दिन भर गांधी मैदान थाने में बिठा कर रखने के बाद मधेपुरा पुलिस ने उन्हें 32 साल पूर्व एक मामले में मधेपुरा ले गयी. इससे पहले पप्पू यादव ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे बीजेपी के इशारे पर गहरी साजिश के तहत जेल भेजा जा रहा है, जबकि मैंने पिछले डेढ़़ माह से नीतीश कुमार की ही मदद की लोगों को बचा कर. मैं नीतीश कुमार से पूछना चाहता हूं कि आखिर जो मामला हाई कोर्ट में लंबित है, उस मामले में कोरोना काल में गिरफ्तारी क्या जरूरी थी?
पप्पू यादव ने भावुक होते हुए कहा कि आज मेरा टेस्ट भी नेगेटिव आया है और अगर मैं कोरोना पॉजिटिव हुआ और मेरे साथ कोई हादसा होता है, तो इसके लिए नीतीश कुमार जी आप जिम्मेदार होंगे. उन्होंने कहा कि मुझे मरने का डर होता तो मैं अपने ऑपरेशन के बाद 3 माह के बेड रेस्ट को छोड़कर अस्पतालों में कोरोना पीड़ितों के बीच दवाई, कंधे पर सिलेंडर और श्मशान तक में लोगों को सहायता नहीं कर रहा होता.
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अब आप 71 की उम्र में ये कहना बंद कर दीजिए कि आप न किसी को बचाते हैं औऱ न किसी को फंसाते हैं. पूरी दुनिया ने देख लिया. पप्पू यादव ने कहा कि नीतीश जी अगर मेरे मरने से बिहार की जनता की जान बचती है, तो ऐसे सौ जान कुर्बान, लेकिन आप से आग्रह है कि तमाम नेताओं के अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में चल रहे लूट के धंधे को बंद कर दीजिए. इससे कई लोगों की जान बच जाएगी.
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जी, जितना दम आपने बीजेपी के इशारे पर मुझे जेल भेजने में लगाया है, उतना दम अगर आप अस्पतालों में लगा देते तो आज यह नौबत ही नहीं आती. उन्होंने तमाम विपक्ष से मिले सपोर्ट का आभार व्यक्त किया और लालू यादव से आग्रह किया कि बिहार को बचाने में संघर्ष तेज करें. एक सवाल के जवाब में पप्पू यादव ने यह भी कहा कि अगर आज हम जेल में है तो तेजस्वी यादव सड़क पर उतरे, अस्पतालों में दवा लेकर जाएं, लोगों को बेड उपलब्ध कराएं. हमारे लोग हमेशा उनके साथ रहेंगे.
अंत मे पप्पू यादव ने कहा कि सरकार की नीयत इतनी खराब है कि आज गरीब लोगों को हर रोज दिए जाने वाले खाने को बंद करा दिया, इसलिए जब तक बिहार के मेरे गरीब भाई बहन और अस्पतालों में कोरोना का इलाज करा रहे लोग भूखे रहेंगे, तब तक मैं भी पानी का एक निबाला नहीं लूंगा.






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