BIHARBreaking NewsSTATE

लॉकडाउन: भारी पड़ रही कायदे-कानून पर जरूरतों की मार, बाजारों में एक ही समय हजारों की भीड़ इकट्ठा हो रही सरकार

कोरोना महामारी ने हजारों जिंदगियों को लील लिया. महामारी की विभीषिका से बचाव की दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम भी उठाए. इसमें एक काफी सराहनीय प्रयास कोरोना चेन को तोड़ने की दिशा में लॉकडाउन की घोषणा शामिल है. लेकिन इस लॉकडाउन के बीच हर दिन मात्र 4 घंटे की छूट ने एक नई मुसीबत को जन्म दे दिया है. बाजारों की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि महामारी को थोक में घरों की दहलीज तक पहुंचाने अघोषित प्रयास है.

यह अलग बात है कि लोग संक्रमण को लेकर भयभीत हैं और वह अपने स्वास्थ्य की जांच करवाना नहीं चाह रहे. लेकिन हर दिन सुबह सात बजे से 11 बजे के बीच बाजारों, मंडियों में हो रही भीड़ को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि संक्रमण का अंश हर घर की चौकठ तक पहुंचने की ओर अग्रसर है. ऐसे में स्थिति पहले से भी अधिक भयावह हो सकती है. फुलवारी शरीफ राजा बाजार कंकड़बाग, रामकृष्ण नगर, भूतनाथ, सिपारा, अगमकुआं, परसा जानीपुर, बाल्मी ईसापुर, जगदेव पथ, बेउर, आशियाना नगर, दीघा रोड, राजीव नगर आदि इलाकों में हर दिन सैकड़ों की संख्या में ग्राहक लोगों की भीड़ हो जा रही है.

सीमित समय की वजह से एक ही बार जहां हजारों लोग बाजारों में उतर जा रहे हैं, वहीं उनके बीच सामाजिक दूरी के नियमों की भी दिवार पूरी तरह से धराशायी नजर आ रही है. स्थिति कुछ ऐसी भयावह हो जा रही है कि 20 फिट की सड़क पर लोगों को पैदल आवागमन के लिए भी जगह नहीं बच पा रहा है. ऐसे में अगर लॉकडाउन के बीच भी बाजारों से संक्रमण चलकर लोगों के घरों तक पहुंचे और स्थिति भयावह हो, तो फिर सरकार के पास नियंत्रण के लिए भी कोई तीसरा विकल्प नजर नहीं आ रहा.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.