पटना. सरकार के तमाम दावों के बावजूद बिहार में कोरोना के प्रसार पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है. स्थिति यह है कि हर दिन 11000 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं, वहीं कोरोना से होने वाली मौत की संख्या में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है. ऐसे में कई समूहों व संगठनों से प्रदेश में लॉकडाउन की मांग उठाई जा रही है. सोमवार को तो पटना हाईकोर्ट ने भी सरकार से पूछा कि आखिर बिहार में कब लॉकडाउन लगाया जाएगा? जबकि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी राज्य में लॉकडाउन लगाने की मांग की है. इन परिस्थियों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज आपदा प्रबंधन समूह के साथ बैठक करने वाे हैं. बताया जा रहा है कि इस बैठक में लॉकडाउन पर फैसला लिये जाने की संभावना है.
15 मई तक के लिए लग सकता है लॉकडाउन
कोरोना वायरस की दूसरी लहर में कोरोना छोटे शहरों, कस्बों और गांवों में बेकाबू हो चुका है. राज्य में दिनों दिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की इस बैठक में बिहार में 15 मई तक लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया जा सकता है. हालांकि इस दौरान आवश्यक सेवाओं को छूट जारी रहेगी.
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने की लॉकडाउन की मांग
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानी आइएमए के डॉक्टर और पटना एम्स के डॉक्टर भी बिहार में लॉकडाउन लगाने के पक्ष में हैं. इस संबंध में मुख्यमंत्री को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने अवगत भी करा दिया है. आईएमए का कहना है कि स्वास्थ्य सेवा के कई विशेषज्ञों से बातचीत की गई है. इसमें यह सामने आया है कि बिहार में लॉकडाउन लगाना जरूरी है. ऐसे में माना जा रहा है कि डॉक्टरों की राय को मानते हुए कोरोना की रोकथाम के लिए लॉकाडउन के साथ ही कई नए आदेश जारी किए जा सकते हैं.
विभिन्न व्यापारिक संगठन भी चाहते हैं बिहार में लॉकडाउन
कैट (CAIT) से जुड़े व्यवसायी और कई तबके लोग राज्य में लॉकडाउन की मांग कर रहे हैं. माना जा रहा है कि यही वजह रही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोविड-19 से बचाव के लिए किए जा रहे कार्यो की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और साथ ही राजधानी पटना के कई इलाकों का भ्रमण भी किया. सीएम ने कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करवाने का निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन बेवजह घरों से निकलने वालों पर नजर रखे, जिससे कोरोना फैलाव को रोका जा सके.
पटना हाईकोर्ट ने पूछा सवाल- कब लगेगा लॉकडाउन?
विज्ञापनnullबता दें कि पटना हाईकोर्ट ने भी बिहार में कोरोना संक्रमण से बिगड़ते हालातों पर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुका है. सोमवार को न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह और न्यायमूर्ति मोहित कुमार शाह की खंडपीठ ने बिहार सरकार से पूछा कि बिहार में लॉकडाउन लगाने की क्या तैयारी है. कब तक राज्य में पूर्ण लॉकडाउन लगाया जाएगा. हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए सरकार के सिस्टम को फ्लॉप बताया था. साथ ही राज्य सरकार से इस मसले पर मंगलवार यानी आज जवाब देने को कहा.
कोरोना संक्रमण के 11 हजार से अधिक मामले सामने आए
बता दें कि सोमवार को बिहार में कोरोना संक्रमण के 11407 नए मामले सामने आए. जबकि 82 मरीजों की मौत भी हुई. नए मामले सामने आने के बाद राज्य में कोरोना के एक्टिव (सक्रिय) मरीजों की संख्या 1,07,667 पहुंच गई. स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को राज्य में संक्रमण के 11,407 नए मामलों की पुष्टि हुई. राजधानी पटना में सर्वाधिक 2,028 नए संक्रमित मिले, जबकि गया में 662, बेगूसराय में 510, वैशाली में 1,035, पश्चिमी चंपारण 549 तथा मुजफ्फरपुर 653 नए कोरोना संक्रमित मिले. राज्य में एक दिन में कुल 72,658 नमूनों की जांच की गई.





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