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कोरोना से जंग में मजबूत निकलीं 75 साल की कुंती देवी, स्वस्थ होकर लौटीं घर

जमुई. एक तरफ कोरोना महामा’री से होने वाली मौतों से लोग परेशान हैं, तो दूसरी तरफ कुछ ऐसे लोग भी हैं जो अपनी मजबूत इच्छाशक्ति से इस कोरोना को मात दे रहे हैं. ऐसी ही एक विजेता हैं झाझा की रहनेवाली 75 साल की कुंती देवी. उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से कोरोना को मात दिया. जमुई सदर अस्पताल के डेडिकेटेड कोविड वॉर्ड से रविवार को उन्हें डिस्चार्ज किया गया. जब वह अस्पताल आई थीं तो उनका ऑक्सीजन लेवल 66 बताया गया था. लेकिन उनकी जिजीविषा इतनी तेज थी कि कोरोना उनसे हार गया. आइए जानें इस कोरोना योद्धा की कहानी.

66 तक गिर चुका था ऑक्सीजन लेवल

जमुई जिले के झाझा की रहनेवाली 75 वर्षीय कुंती देवी बीमार हो गई थीं. बीते कुछ दिन पहले उनकी स्थिति गंभीर थी. फिर जब उनकी कोरोना जांच कराई गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई. इसके बाद उन्हें जमुई के सदर अस्पताल के डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर में भर्ती कराया गया. बताया गया कि जब कुंती देवी को अस्पताल में भर्ती कराया गया तो उनका ऑक्सीजन लेवल 66 था. ऑक्सीजन का यह लेवल औसत से काफी कम होता है.

भागलपुर किया गया था रेफर, लेकिन बेड नहीं मिला

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस क्रिटिकल स्थिति में उन्हें भागलपुर रेफर किया गया, लेकिन वहां बेड उपलब्ध नहीं होने पर फिर से जमुई सदर अस्पताल के डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर में भर्ती कराया गया. यहां डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ उन पर लगातार निगरानी रखते रहे. खुद कुंती देवी अपनी मजबूत इच्छाशक्ति दिखाती रहीं. बड़ी तेजी से उनके सेहत में सुधार होने लगा. अंत में रविवार को पूरी तरह स्वस्थ बताते हुए डॉक्टरों ने उन्हें कोविड वॉर्ड से डिस्चार्ज कर घर भेज दिया.

दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो बढ़ जाती है जीतने की उम्मीद

एक तरफ इस महामारी से जहां लोग घबराए हुए हैं, डरे और सहमे हैं, वही 75 साल की उम्र में भी कोरोना को शिकस्त देकर कुंती देवी ने मिसाल कायम किया है. कुंती देवी को जब डिस्चार्ज किया गया तब उनका ऑक्सीजन लेवल 99 था. कोरोना को शिकस्त देने के बाद स्वस्थ होकर घर लौटने पर कुंती देवी ने जमुई के डीएम अवनीश कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया है. वहीं डीएम ने कहा कि कुंती देवी ने मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए एक मिसाल कायम की है. उनकी इच्छाशक्ति समाज को संदेश देती है कि कोरोना से घबराने की नहीं, मजबूती से लड़ने की जरूरत है.

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