सहरसा,बिहार ।
बिहार के कोसी क्षेत्र के सहरसा जिले में बन रहे पहले पावरग्रिड का काम अब मई अंतिम तक पूरा होगा। जिले के सिहौल गांव में बन रहे 1400 एमवीए क्षमता वाले पावरग्रिड के तय समय में काम पूरा होने में कोरोना संक्रमण बाधक बन गया है। कोरोना संक्रमण की भयावहता को देखकर टेस्टिंग के लिए मुंबई और चेन्नई से विशेषज्ञ नहीं आ रहे हैं। मजदूर भी काम करने से परहेज करने लगे हैं।
पावरग्रिड का काम पूरा करने का लक्ष्य 31 मार्च ही निर्धारित किया गया था। पावरग्रिड मिथिलांचल ट्रांसमिशन लिमिटेड के वरिष्ठ महाप्रबंधक पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सिहौल गांव स्थित सहरसा उपकेंद्र का काम पूरा करने की समय अवधि अब मई अंतिम निर्धारित की गई है।








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