दिल्ली. देश में कोरोना वायरस महामारी का कहर बढ़ता ही जा रहा है. कोरोना से देश के अमूमन सभी अस्पताल जूझ रहे है. कही बेड तो कही ऑक्सीजन की कमी. सेना के अस्पताल भी इन मुसीबतों से अछूते नहीं हैं. इस बीच, भारतीय रक्षा मंत्रालय ने फैसला किया है कि जर्मनी से 23 मोबाइल ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लाकर यहां के अस्पतालों में लगाए जाएंगे. कोरोना रोगियों के लिए खानपान वाले एएफएमएस (AFMS) अस्पतालों में ये लगाए जाएंगे. एक हफ्ते के भीतर इनका आयात किया जा सकता है.
सेना के मुताबिक़, 23 मोबाइल ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट जर्मनी से मंगवाई गई है जिससे ऑक्सीजन की क़िल्लत जैसे हालातों से निपटा जा सकेगा. साथ ही बड़ी संख्या मैं ऑक्सीजन कॉन्सेन्ट्रेटर की भी खरीद की जा रही है.
जल्द ही सेना के अस्पताल में बढ़ जाएगी बेड की संख्या
बता दें कि देश में सेना के सभी अस्पतालों में बेड की कमी हो रही है. क्योंकि मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. दिल्ली के बेस अस्पताल के हालात भी ऐसे ही हैं. यहां 258 ऑक्सीजन वाले बेड दो दिन पहले ही भर चुके हैं. एहतियातन पूरे बेस अस्पताल को 22 अप्रैल से कोविड अस्पताल में बदल दिया गया है.
सेना के मुताबिक़ जल्द ही इस अस्पताल में बेड की संख्या को बढ़ाकर 1000 किया जाएगा. माना जा रहा है कि अगले एक हफ्ते के भीतर बेस अस्पताल और ज्यादा मरीजों के लेने के लिये तैयार हो जाएगा.
कोरोना के कहर को देखते हुए सेना ने क्वारंटाइन का तरीका भी बदला है.
पिछले साल सेना के क्वारंटाइन सेंटर काफी बड़े होते थे. जिनमें एक साथ बड़ी संख्या में सैनिकों को 14 दिन के लिए क्वारंटाइन किया जाता था. हालांकि उसमें एक खामी भी थी, अगर एक भी सैनिक कोरोना संक्रमित निकल जाता था तो बड़ी संख्या में साथ में क्वारंटाइन में रह रहे लोग भी संक्रमित हो जाते थे.








Leave a Reply