BIHARBreaking NewsPATNASTATE

ये चाहते हैं पूर्ण लॉकडाउन : मना करने के बावजूद अगमकुआं शीतला मंदिर में उमड़ी भीड़, पुलिस ने कहा-पुजारी ने खोला है मंदिर

महामारी में संक्रमण के खतरे से आमलोगों को बचाने के लिए सरकार ने कड़े फैसले लिए। इसी के तहत धार्मिक स्थ्लों को पूरी तरह से बंद रखा गया है, लेकिन रामनवमी और चैत्र नवरात्र में लोगों ने सरकार के आदेश की हवा निकाल दी। अगमकुआं स्थित शीतला मंदिर में पुलिस के मना करने के बावजूद लोग नहीं माने। पुजारी ने भी सरकारी आदेश को नहीं माना। बिना मास्क लगाए धक्का-मुक्की करते हुए लोग मंदिर में प्रवेश करने लगे। भीड़ पुलिस से भी नहीं संभल रही थी। बिहार में अगर दुबारा लॉकडाउन की नौबत आएगी तो निश्चित रूप से इसके जिम्मेवार यही लोग होंगे। तस्वीर का दूसरा पहलू यह रहा कि लाखों की भीड़ वाले महावीर मंदिर में इस रामनवमी सन्नाटा पसरा रहा। यहां पूरी तरह से कोरोना प्रोटोकॉल को फॉलो किया गया।

होमगार्ड जवान ने कहा, पुजारियों ने खुलवाया मंदिर
सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंच रही थी, जो दोपहर बाद तक जारी रही। मंदिर में जाकर महिला श्रद्धालू आमदिनों की तरह ही बड़े आराम से पूजा-अर्चना करके निकलते हुए दिखीं। इस भीड़ में बच्चे भी शामिल थे। जिन्होंने कोरोना के वायरस से बचने के लिए मास्क भी नहीं पहन रखा था। आम दिनों की ही तरह सब कुछ चल रहा था, जिसे भास्कर टीम ने अपने कैमरे में कैद किया। मौके पर वहां ड्यूटी में लगाए गए होमगार्ड के दो जवान भी मिले। उसमें एक जवान ने कहा कि सुबह से वो लोगों को मंदिर आने से मना कर रहा था, लेकिन लोग माने हीं नहीं। जब उससे सवाल पूछा गया कि सरकार ने मंदिर को पूरी तरह से बंद रखने का आदेश दिया था तो फिर इसकी खुली कैसे? इस पर होमगार्ड जवान का जवाब था कि ये तो मंदिर के पुजारियों ने ऐसा किया। पुजारी पंकज ने कहा कि नवरात्र है, इसलिए श्रद्धालू पूजा करने चले आए।

महावीर मंदिर में पसरा था सन्नाटा
हर साल रामनवमी के दिन पटना स्टेशन के पास स्थित महावीर मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती थी। एक दिन पहले रात में 12 बजे से ही श्रद्धालू पूजा करने के लिए लाइन में लग जाया करते थे। उनकी लाइन GPO गोलंबर को भी पार कर जाती थी। लाखों रुपए के नैवेद्यम लड्डू बिक जाया करते थे। फूल और मालाओं की भी खूब खरीददारी हुआ करती थी। लेकिन, बुधवार को पटना के महावीर मंदिर में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा था। क्योंकि, श्रद्धालुओं के लिए यह मंदिर पूरी तरह से बंद था। मंदिर एडमिनिस्ट्रेशन ने न सिर्फ राज्य सरकार के आदेश को माना, बल्कि कोरोना के प्रोटोकॉल और इसे लेकर जारी किए गए गाइडलाइंस को भी पूरी तरह से फॉलो किया। रामनवमी के मौके पर यही हाल पिछले साल भी देखने को मिले थे।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.