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पटना के ‘ऑक्सीजन मैन’ गौरव: खुद कोरोना पॉजिटिव हुए तो महसूस की दिक्‍कत, अब तक 900 लोगों की बचा चुके हैं जान

पटना. कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के कारण पैदा हुई विकट परिस्थिति में जहां अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे हैं. कोविड-19 संक्रमितों को सांस लेने में दिक्कत होने पर ऑक्सीजन (Oxygen) की व्‍यवस्‍था करने में भी मुश्किलें आ रही हैं. वहीं, पटना का एक शख्स मसीहा बन कर लोगों की सेवा कर रहा है. ऑक्सीजन मैन (Oxygen Man Gaurav Rai) के नाम से जाना जाने वाला यह शख्स लोगों की टूटती सांसों को जोड़ कर नई जिंदगी दे रहा है. ऑक्सीजन मैन के नाम से मशहूर इस शख्स का नाम है गौरव राय. गौरव पटना में मुख्य रूप से व्यावसाय करते हैं, पर कोरोना त्रासदी में लोगों के लिए रहनुमा बनकर आए हैं. जिस किसी भी जरूरतमंद को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है, निःशुल्क उसके घर तक ऑक्सीजन पहुंचाते हैं.

गौरव राय की ऑक्सीजन मैन बनने की कहानी भी किसी फिल्म से कम नहीं है. पिछले साल 2020 में कोरोना त्रासदी में गौरव खुद कोरोना पॉजिटिव हो गए थे. सांस लेने में जब दिक्कत हुई तो पत्नी ने पीएमसीएच में भर्ती कराया. वहां उन्हें ऑक्सीजन मिलना मुश्किल हो रहा था. पत्नी ने प्राइवेट से 5 घंटे की मेहनत के बाद किसी तरह ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की. बेहद मुश्किल दौर के बाद जब जिंदगी वापस लौटी तो गौरव ने दूसरों को ऑक्सीजन पहुंचाने का संकल्प लिया. पत्नी ने शुरुआत में दो सिलेंडर खरीदकर दिया और फिर शुरू हो गई मुहिम.

अब तक 900 लोगों की बचाई जिंदगी
गौरव राय ऑक्सीजन मुहिम के जरिये पटना में लगभग 900 लोगों की जिंदगी को बचा चुके हैं. लोगों का जब भी कॉल गौरव के पास आता है तो वह जरूरत के सिलेंडर लेकर खुद निकल पड़ते हैं और जरूरतमंद के घर तक बिना कोई शुल्क लिए पहुंचाते हैं. गौरव का काम सुबह 5 बजे शुरू होता है. उसके बाद अपने पुराने वैगन आर गाड़ी के जरिये देर रात तक बिना थके जरूरतमंदों को ऑक्सीजन मुहैया कराते हैं. गौरव कहते हैं कि फिलहाल बेहद बुरा दौर है. लोगों को ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है. प्रशासन ऑक्सीजन मुहैया कराने में लगा है, पर सभी तक मुहैया नहीं हो पाता. लोगों के कॉल आने पर रात के 12 बजे भी ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर निकल जाते हैं.

पटना में कई ऑक्सीजन मैन की है जरूरत
जिस तरह से इन दिनों पटना में ऑक्सीजन की किल्लत हुई है, उसे पूरा करने के लिए गौरव जैसे कई ऑक्सीजन मैन की जरूरत है. हर अस्पताल अपने यहां नो एंट्री का बोर्ड लगा रहा है. ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों को भर्ती करना मुश्किल हो रहा है. लोग घरों में किसी तरह ऑक्सीजन मंगाकर काम चला रहे, ऐसे में और लोगों व संस्थाओं को चाहिए कि आगे आकर लोगो की मदद करें.

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