पटना. बिहार में कोरोना संक्रमण की रफ्तार लगातार बढ़ती जा रही है और रोज नया रिकॉर्ड बन रहा है. राज्य में रविवार शाम तक की रिपोर्ट के अनुसार एक दिन में 8690 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है. वहीं, संक्रमण से मौत के आंकड़े भी काफी तेजी से बढ़ रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में 24 घंटे में ही 27 लोगों की जान चली गई, जिनमें सबसे ज्यादा 24 घंटे में 24 मरीज की मौत पटना जिले में हुई है. मरीजों के बढ़ते आंकड़ों के बीच राज्य का रिकवरी रेट तेजी से गिर रहा है और यह घटकर 85.67 प्रतिशत तक पहुंच गया है जो काफी चिंता का विषय है.
बता दें कि बीते 1 अप्रैल को राज्य में रिकवरी रेट 98.69% था, जो 18 अप्रैल को घट कर 85.67% तक पहुंच गया. यानी 18 दिनों में रिकवरी रेट 13.02% कम हुआ है. इसी तरह 1 अप्रैल को राज्य में सक्रिय मरीजों की संख्या महज 1907 थी, जो 18 अप्रैल को बढ़ कर 44,700 हो गई है. यानी प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगभग 23 गुनी बढ़ गई.
मौत के आंकड़े भी काफी डराने वाले हैं. राजधानी पटना के विभिन्न अस्पतालों में 24 घंटे में मरने वाले 24 मरीजों में 9 मरीज पीएमसीएच में, 8 मरीज एनएमसीएच में, 5 मरीज पटना एम्स में और 2 अन्य अस्पताल में कोरोना की वजह से काल के गाल में समा गए. बता दें कि रविवार को सबसे ज्यादा 2290 मरीज पटना जिले में मिले. वहीं, भागलपुर में 376, औरंगाबाद में 353, सीवान में 248, बेगूसराय में 237 मरीज पॉजिटिव मिले.
परिस्थितियां भयावह होती जा रही हैं. हालात को देखते हुए टेस्टिंग में तेजी लाई गई है. 24 घंटे में सैम्पल जांच की संख्या बढ़कर 100604 तक पहुंच गई है. हालात अनियंत्रित होने के बाद पटना जिले में खासकर आरटीपीसीआर जांच में तेजी लाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है, जबकि माइक्रो कंटेनमेंट जोन की संख्या भी 400 के पार कर गया है.
सभी सार्वजनिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टॉप और एयरपोर्ट में 2-2 टीम जांच के लिए नियुक्त कर दिए गए हैं. अस्पतालों में बेड की किल्लत के बाद अब ईएसआईसी बिहटा को भी 500 बेड बनाने की तैयारी में सरकार जुट गई है. जल्द ही डीआरडीओ की टीम पटना पहुंचेगी जिसके बाद बिहटा अस्पताल में 500 कोविड बेड पर मरीजों को भर्ती लिया जा सकेगा.








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