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ब‍िहार लौट रहे प्रवासी मजदूरों को हर महीने मिलेंगे 6-6 हजार रुपए? सर्वदलीय बैठक से पहले कांग्रेस ने की यह मांग

बिहार में कोरोना के चलते हालात काफ़ी ख़राब होते जा रहे हैं. कोरोना को लेकर हालात की समीक्षा करने के लिए मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की तरफ़ से आज यानी शुक्रवार शाम एक बैठक बुलाई गई है. सर्वदलीय बैठक से पहले मुख्यमंत्री की तरफ़ से राज्य में कोरोना से निपटने के तरीक़े और हालात की समीक्षा की.

बिहार सरकार की तरफ़ से राज्य में हर संभव व्यवस्था करने और स्थिति को नियंत्रण में करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन, विपक्ष सरकार पर सवाल खड़ा कर रहा है. कांग्रेस की नेता और बिहार से पूर्व सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि इतने दिनों बाद मुख्यमंत्री को सुध क्यों आई है? रंजीत रंजन ने आरोप लगाया कि पटना में कोरोना के केस छिपाए जा रहे हैं, पटना में बुरे हालात हैं.

यहां तक कि 200 रुपए के ऑक्‍सीजन सिलेंडर के 800 रुपए में भरे जा रहे हैं और अस्पताल में सिलेंडर की क़ीमत 2400 रुपए ली जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की सरकार कोरोना से लोगों को बचाने में शत प्रतिशत विफल है. कांग्रेस के अलावा आरजेडी समेत सभी विपक्षी लोगों की तरफ़ से सवाल खड़ा किया जा रहा है, लेकिन बिहार सरकार बेहतर इंतज़ाम की बात कर रही है.
विपक्ष दिल्ली और महाराष्ट्र समेत दूसरे प्रदेशों से आने वाले मज़दूरों की समस्या को भी मुद्दा बना रहा है. कांग्रेस की तरफ़ से रंजीत रंजन ने दूसरे प्रदेशों से आने वाले मज़दूरों के खाते में हर महीने 6-6 हज़ार रुपए दिए जाने की मांग की. सर्वदलीय बैठक से पहले विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है.

हालांकि, बिहार की सरकार की तरफ़ से साफ़ कर दिया गया है कि हर हाल में सरकार बाहर से आने वाले लोगों का ध्यान रख रही है. इसके अलावा जो लोग कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं उनके उपचार को लेकर भी किसी तरह की कोई कमी नहीं हो रही है.

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