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Bank Privatisation को लेकर बड़ी खबर! ये दो सरकारी बैंक होंगे प्राइवेट, नीति आयोग ने दिया प्रस्ताव

नई दिल्ली. बैंक प्राइवेटाइजेशन (Bank Privatisation) को लेकर बड़ी खबर आ रही है. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) के परामर्श से सरकारी थिंकटैंक निती आयोग (Niti Aayog ) ने सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों (PSB) के नामों को अंतिम रूप देने के लिए विचार-विमर्श शुरू कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक, इन दो बैंकों का चालू वित्त वर्ष के दौरान निजीकरण किया जाना है. सूत्रों ने कहा है कि इस संबंध में काम चल रहा है और इस विषय को लेकर नीति आयोग द्वारा पर कुछ बैठकें बुलाई गई हैं. बता दें कि सरकार की विनिवेश प्रक्रिया के तहत यह कदम उठाया जायेगा.

कोर ग्रुप देगा अंतिम रूप 

PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले कई पहलुओं पर गौर किये जाएंगे. निजीकरण को लेकर नीति आयोग की सिफारिश के बाद उस पर मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता वाला विनिवेश पर गठित सचिवों का मुख्य समूह (कोर ग्रुप) विचार करेगा. इस उच्च स्तरीय समूह के अन्य सदस्य आर्थिक मामलो के सचिव, राजस्व सचिव, व्यय सचिव, कॉर्पोरेट कार्य मामलों के सचिव, विधि सचिव, लोक उपक्रम विभाग के सचिव, निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव और प्रशासनिक विभाग के सचिव हैं. सचिवों के कोर समूह से मंजूरी के बाद, अंतिम नाम इसकी मंजूरी के लिए वैकल्पिक तंत्र (AM) में जाएंगे और अंत में अंतिम नोड के लिए प्रधान मंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल में जाएंगे.

प्राइवेटाइजेशन की लिस्ट में ये बैंक शामिल

एक अन्य मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, निति आयोग ने 4-5 बैंकों के नामों का सुझाव दिया है और माना जा रहा है कि इस बैठक में किसी दो के नाम तय कर लिए जाएंगे. प्राइवेटाइजेशन की लिस्ट में बैंक ऑफ महाराष्ट्र (bank of maharashtra), इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian overseas bank), बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India), सेंट्रल बैंक (Central Bank) के नाम की चर्चा है. प्राइवेटाइजेश के पहले फेज में सरकार बैंक ऑफ महाराष्ट्र और इंडियन ओवरसीज बैंक के नामों पर महुर लगा सकती है.

ये बैंक नहीं होंगे लिस्ट में..
नीति आयोग के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अलावा जिन बैंकों का पिछले कुछ समय में एकीकरण किया गया है, उन बैंकों का प्राइवेटाइजेशन नहीं होगा. इस समय देश में 12 सरकारी बैंक हैं. रिपोर्ट के आधार पर निजीकरण की लिस्ट में SBI के अलावा पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, कैनरा बैंक, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा नहीं हैं.

कर्मचारियों के वेतन या पेंशन का रखा जाएगा ध्यान
आयोग को वित्त वर्ष 2021-22 में निजीकरण के लिये सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों और एक साधारण बीमा कंपनी के चयन की जिम्मेदारी दी गयी है. इसकी घोषणा फरवरी में पेश बजट में की गयी है. बता दें कि पिछले महीने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि जिन बैंकों के कर्मचारियों के निजीकरण की संभावना है, उनके हितों की पूरी तरह से रक्षा की जाएगी चाहे उनका वेतन या वेतन या पेंशन सभी का ध्यान रखा जाए.

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