केंद्र सरकार की बहुप्रचारित उड़ान योजना के अंतर्गत दरभंगा से विमान सेवा शुरू की गई थी। इसको अपेक्षा से कहीं अधिक यात्रियों का प्यार भी मिला। लेकिन, ऐसा लगता है कि अब इस एयरपोर्ट पर किसी जादूगर का साया पड़ गया है। आप सोचने लगे होंगे कि इस डिजिटल युग में भी साया और जादूगर जैसी बातें क्यों? पाठकों, मैं यहां परंपरागत जादूगर और उसके साये की बात नहीं कर रहा। यहां विमानन कंपनी स्पाइसजेट की प्रबंधन टीम में बैठे ‘जादूगर’ की बात हो रही है। जो यहां से निर्धारित प्रतिदिन की 12 उड़ानों में से कभी चार तो कभी दो उड़ान को ही गायब कर देते हैं।
प्रतिदिन 12 उड़ानें निर्धारित
आठ नवंबर 2020 को दरभंगा से स्पाइसजेट ने अपनी विमान सेवा शुरू की थी। चार रूट पर यह सेवा चल रही थी। इसके बाद 10 मार्च 2021 से मुंबई के लिए दूसरी और अहमदाबाद के लिए बंद की गई सेवा को फिर से बहाल कर दिया गया। इस तरह से देखा जाए तो यहां से प्रतिदिन 12 उड़ानें निर्धारित हो गईं। जिस दिन से यह सेवा आरंभ हुई तब से लेकर अब तक केवल तीन दिन ही ऐसा हुुआ जब दरभंगा एयरपोर्ट से सभी 12 उड़ानें संभव हो सकीं। अन्य किसी दिन आठ तो किसी दिन 10 उड़ानें ही संभव हो पा रही थीं। वह भी अक्सर मुंबई और अहमदाबाद के रूट पर ही ऐसा देखा जा रहा है। लापरवाही की हद यह कि फ्लाइट कैंसल क्यों करनी पड़़ रही है, इसकी जानकारी यात्रियों को नहीं दी जाती है। ऐसे में वे यहां आकर खुद को फंसा हुआ पाते हैं। कंपनी यहां के यात्रियों के साथ ऐसा खेल क्यों खेल रही है, इस बारे में कहीं से भी कोई जानकारी नहीं दी जाती है।
दरभंगा का मौसम बिल्कुल
दरभंगा एयरपोर्ट के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से जारी आंकड़ों पर गौर करें तो 10, 15 और 20 मार्च को ही यहां से विमान सेवा का सामान्य परिचालन हुआ। अभी दरभंगा का मौसम बिल्कुल साफ रह रहा है। विजिबलिटी की कहीं से भी कोई परेशानी नहीं है। यदि ऐसा होता तो अन्य रूट पर भी परेशानी होती। साधनहीन दरभंगा एयरपोर्ट पर परेशान होने वाले यात्रियों का आरोप है कि स्पाइसजेट की प्रबंधन टीम में कोई तो ऐसा जादूगर है जो अपनी सुविधा के अनुसार विमान को गायब कर देता है। जिसकी वजह से उन्हें धक्के खाने को मजबूर होना पड़़ता है।









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