दीपक कुमार। मुजफ्फरपुर
मुजफ्फरपुर ।ज़िले के बोचहां अन्तर्गत होटल ब्लू डायमंड में आयोजित कार्यक्रम में जिले से लेकर प्रखंड तक के सभी पत्रकार उपस्थित हुए। बिहार में पत्रकारों के लिए पत्रकार संरक्षण आयोग का गठन करे सरकार। आयोग बनने से पत्रकार सुरक्षित रहेंगे तथा उनका हक मिलेगा। उनके निदान के लिए हर संभव प्रयास के लिए जो मदद मिलेगा वो करेंगे। ये उक्त बातें सांसद अजय निषाद ने कहीं।वहीं गायघाट के विधायक निरंजन राय ने कहां की हमने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सवाल उठाया। बिहार विधानसभा के तारांकित प्रश्न संख्या 630 के माध्यम से सवाल किया कि क्या मंत्री सूचना व जनसंपर्क विभाग यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या यह बात सही है कि पत्रकारों के संरक्षण हेतु राज्य सरकार द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण राज्य में पत्रकारों की आए दिन हत्या हो रही है। इसमें सीतामढ़ी के अजय विद्रोही, गया के मिथलेश पाण्डेय, सीवान के राजदेव रंजन की हत्या पिछले दिनों हुई है। यह सिलसिला जारी है। इस हालात को देखते हुए सरकार राज्य स्तर पर पत्रकार संरक्षण आयोग का गठन कराने का विचार रखती है नहीं तो क्यों? विधायक निरंजन राय ने बताया कि भारत-नेपाल पत्रकारों के संगठन मीडिया फॉर बार्ड हार्मोनी की ओर से हमारे विधानसभा के सबसे पहले गायघाट में हमारी आवाज कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।उसके बाद कांटी में भी पहुंचे थे। ये तीसरी बार है जहां बोचहां के होटल ब्लू डायमंड में कार्यक्रम आयोजित की गई है।यहां पर मुजफ्फरपुर, वैशाली सहित अन्य जिले के पत्रकार शामिल हुए हैं । यहां पर संगठन की ओर से एक छह सूत्री मांग पत्र दिया गया। मांग पत्र को हमने गंभीरता से पढ़ा और उसपर चिंता की। हमने वहां पर पत्रकारों से वादा किया कि इस मांग को फ़िर से सदन के माध्यम से उठाकर निदान की पहल करेंगे। विधायक ने कहा कि पत्रकारों की हालत बहुत गंभीर है। सरकार को इस पर विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की हक देने की पहल मीडिया फॉर बार्डर हार्मोनी बेहतर तरीका से कर रही है। वह हर कदम पर पत्रकारों के साथ है। विधायक निरंजन राय ने कहा कि आने वाले दिन में सरकार की ओर से जो जवाब आएगा उसके आधार पर आगे का कदम उठायेंगे। उन्होंने ग्रामीण पत्रकारों को मान्यता प्राप्त पत्रकार का दर्जा दिलाने की मांग भी की है। यह प्रश्न भी विधानसभा में लगाया गया है। उम्मीद है कि फ़िर में वह प्रश्न भी विधानसभा के पटल पर रखने का प्रयास करूंगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरीय पत्रकार अमरेन्द्र तिवारी ने की।इस दौरान जिला परिषद के अध्यक्ष इन्द्ररा देवी, प्रखंड प्रमुख शकुंतला देवी, बीडीओ शुभद्रा कुमारी आदि थे। इधर पत्रकार संरक्षण आयोग की पहल करने व विधानसभा में सवाल उठाने का स्वागत करते हुए वरीय पत्रकार अमरेन्द्र तिवारी ने कहा कि विधायक निरंजन राय ने पत्रकारों को हक दिलाने की पहल की इसके लिए पूरा पत्रकार समाज उनका आभारी रहेगा। आने वाले दिन मेें उनको पत्रकार संरक्षण सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इधर बीडीओ शुभद्रा कुमारी ने मांग का समर्थन करते हुए कहा कि मीडिया फार बार्डर हार्मोनी की ओर हमारी आवाज में जो भी मांग उठाया गया है उसको पूरा करने के लिए प्रखंड में जल्द मीडिया सेंटर के लिए वयवस्था कर दी जाएगी। वहीं प्रमुख ने कहां कि सड़क तक लगातार पहल की जाएगी। वह हर कदम पर पत्रकारों के सुख-दुख के साथ है।कार्यक्रम की स्वागत पत्रकार सुनिल कुमार और अखिलेश चौधरी एवं संयोजक चन्द्रभूषण कुमार का सभी ने तहे दिल से स्वागत किया। इस दौरान मौके पर मुजफ्फरपुर जिलाध्यक्ष रंजन कुमार, पूर्वी चम्पारण जिलाध्यक्ष नवेन्दु कुमार, पश्चिम चम्पारण के संयोजक चितरंजन कुमार, श्री निवास गौतम, शेषनाथ तिवारी, वैशाली जिलाध्यक्ष प्रभात कुमार, बैरगनिया बोर्डर संयोजक विश्वनाथ चौधरी, सीतामढी के अध्यक्ष वाल्मीकि कुमार, फारविसगंज के अध्यक्ष पुरुषोत्तम भगत, संरक्षक वरीय पत्रकार कौशलेन्द्र झा, संतोष कुमार मिश्र, राम किंकर मिश्रा,बंदरा के अमरेश कुमार, अनील कुमार झा, सूर्यमणि कुमार, राजेश कुमार, राजेश रंजन, संतोष कुमार, नागमणि, राजेश कुमार, दीपक कुमार, इरफान रिजवी, सुधीर कुमार, कार्यालय प्रभारी सुमित कुमार, प्रशांत कुमार आदि थे ।
हमारी आवाज मे उठी यह मांग
—- राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर पत्राकार संरक्षण आयोग का गठन किया जाय । आयोग के गठन से पत्राकारों को संवैधनिक संरक्षण मिल पायेगा ।
—- राष्ट्रीय व राज्य स्तर मान्यता प्राप्त पत्राकारों के चयन में कोटा सिस्टम को समाप्त किया जाय । बिहार में सभी ग्रामीण, प्रखंड, अनुमंडल व जिला स्तरीय व स्वतंत्रा पत्राकारों को मान्यता प्राप्त पत्राकार का दर्जा दिया जाए ।
—–. मान्यता प्राप्त पत्राकार के चयन हेतु जिला स्तर पर जिला सूचना एवं जनसंर्पक अध्किारी के निगरानी में एक कमिटी का गठन किया जाय ।
—— पत्राकारों के कल्याण के लिए जिला स्तर पत्राकार राहत कोष का गठन सरकार करे ताकि आपात स्थिति हत्या, दुघर्टना, गंभीर रूप से बीमार होने पर उनको तत्काल मदद मिल सके ।
—- सभी अनुमंडल व प्रखंड मुख्यालय में तत्काल मीडिया सेन्टर खोला जाए। जहाँ से पत्राकार संवाद संकलन कर सके।
——पत्रकारों को कैमरा, लैपटाॅप, मोबाईल, बाइक के लिए सरकार बिना ब्याज के राशि उपलब्ध् करावें ।











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