सीतामढ़ी जिले की भारत-नेपाल सीमा के सोनबरसा स्थित बॉर्डर से सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) के जवानों ने 25 किलोग्राम चरस के साथ एक भारतीय त’स्कर को गि’रफ्तार करने में सफलता पाई है। इसे एसएसबी की बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।
गिरफ्तार तस्कर वैशाली जिले का :
गि’रफ्तार किए गए भारतीय तस्कर की पहचान वैशाली जिले के सराय निवासी चंदन कुमार (28) के रूप में की गई है। चरस की इतनी बड़ी खेप के साथ हुई चंदन कुमार की गिर’फ्तारी ने इस सीमाई इलाके में सनसनी फैला दी है। घ’टना को लेकर इलाके में चर्चा का बाजार गर्म रहा। एसएसबी के जवान और अधिकारी भी इसको लेकर पूरी तरह हरकत में दिखे। चरस तस्कर को इतनी बड़ी खेप के साथ प’कड़े जाने को वे एसएसबी जवानों और अधिकारियों की सक्रियता और हमेशा अप’राधियों पर चौकस रहने का नतीजा मान रहे हैं।
एसएसबी जवालों की तत्परता से मिली कामयाबी :
मिली जानकारी के मुताबिक एसएसबी इंस्पेक्टर जीडी अविनाश जाखड़ के नेतृत्व में 51वीं बटालियन के जवानों की तत्परता से वैशली जिले के चरस तस्कर चंदन कुमार को गिरफ्तार करने में यह कामयाबी मिल सकी है।
नेपाल के रौहतट से चरस लेकर भारतीय सीमा में प्रवेश कर रहा था त’स्कर :
एसएसबी के अधिकारियों ने बताया कि चरस तस्कर नेपाल के रौहतट से चरस लेकर भारतीय सीमा में प्रवेश कर रहा था। इसी दौरान बॉर्डर पर तैनात एसएसबी के गश्ती दल ने उसे बड़ी ही चालाकी से धर दबोचा।
पैर और पेट में कपड़े के अंदर चरस को छुपा रखा था :
तस्कर ने अपने पैर और पेट में कपड़े के अंदर चरस को छुपा रखा था। एसएसबी सूत्रों की ओर से त’स्कर के पास से बरामद चरस की इस 25 किलोग्राम की खेप का अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य सवा छह करोड़ रुपये आंका गया है। बताते चलें कि एसएसबी सहित कई एजेंसियां गिर’फ्तार तस्कर चंदन कुमार से पूछताछ कर रही है।








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