शातिर चो’रों पर नकेल नहीं कसने का नतीजा है कि अब वे पुलिसकर्मी की बाइक को भी निशाना बना ले रहे हैं। गुरुवार की रात मझौलिया रसुलपुर जिलानी इलाके से एएसआइ कृष्ण कुमार सिंह के घर से उनकी बाइक की चोरी कर ली गई। मामले में उन्होंंने काजीमोहम्मदपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। वे इसी थाने में तैनात भी है। चोरों का पता लगाने के लिए आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला गया। मगर कोई सुराग नहीं मिल पाया। बता दें कि शहरी क्षेत्र में लगातार बाइक चोरी की घट’नाएं हो रही है। बावजूद पुलिस की तरफ से शातिर चोरों की गिरफ्तारी को लेकर रुचि नहीं लिया जा रहा है।
वहीं चोरी का मोबाइल खरीदना दरभंगा के एक किशोर को महंगा पड़ गया। गोंडा जीआरपी पुलिस ने जाले थानाक्षेत्र के जाले हीरानगर गांव में छापेमारी कर किशोर को मोबाइल के साथ दबोच लिया। पूछताछ में किशोर ने जो जानकारी दी वह सुन पुलिस पदाधिकारी अवाक रह गए। किशोर को लेकर पुलिस मुजफ्फरपुर गई। जहां सीसी कैमरा के फुटेज से उसका मिलान कराया गया। लेकिन, फुटेज में उसकी तस्वीर नहीं पाई गई। इसके बाद पुलिस ने बाउंड बनाकर तत्काल किशोर को छोड़ दिया। दरोगा विजय यादब ने बताया कि सप्तक्रांति ट्रेन से सैनिक राहुल प्रताप सीतामढ़ी एसएसबी कैंप जा रहे थे। इस दौरान उनका मोबाइल सहित बैग चो’री हो गया। इस मामले को लेकर पीडि़त सैनिक ने गोंडा जीआरपी में प्राथमिकी दर्ज कराई।
जांच दौरान मोबाइल को जब ट्रैक किया गया तो वह जाले थानाक्षेत्र में पाया गया। इसके तहत वहां की पुलिस स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमा’री की। इधर, किशोर ने बताया कि वह दिल्ली से आ रहा था। इस दौरान उसका बड़ा भाई पांच हजार रुपया दिया था। मुजफ्फरपुर स्टेशन पर उतरने दौरान एक अनजान युवक मिला और कहा – सफर दौरान बदमाशों ने उनका पॉकेट मार लिया है। घर जाने के लिए एक भी रुपया नहीं है। वह अपना मोबाइल दिखाया और कहा यह मोबाइल 20 हजार रुपये का है। चार हजार रुपये में बेचने की बात कही। किशोर ने उस मोबाइल को तीन हजार रुपये में खरीद लिया। जब घर पर पुलिस पहुंची तो वह मोबाइल खरीदकर अफसोस व्यक्त करने लगा।







Leave a Reply