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मुजफ्फरपुर : डिप्टी मेयर ने मेयर पर मानहा’नि का केस ठोकने की दी चे’तावनी, प्रोसीडिंग में छे’ड़छाड़ का आ’रोप

शहर में होल्डिंग टैक्स वसूली आउटसोर्सिंग से कराने को लेकर नगर निगम में चल रहे घमासान के बीच सोमवार को निगम बोर्ड की प्रोसीडिंग जारी की गई। इसमें छेड़’छाड़ का आ’रोप लगाते हुए डिप्टी मेयर मानमर्दन शुक्ला ने मेयर पर मुकदमा ठोंकने की चे:तावनी दी है। नगर आयुक्त को लिखे इस पत्र की सूचना डिप्टी मेयर ने मेयर को भी दी है। जबकि, मेयर सुरेश कुमार ने अब तक पत्र नहीं मिलने की बात कहकर चुप्पी साध ली है। डिप्टी मेयर ने पत्र में कहा है कि 8 फरवरी को निगम बोर्ड की बैठक की का’र्यवाही में छे’डछाड़ कर गलत तथ्य अंकित किया गया है।

निगम द्वारा संपत्ति कर वसूली आउटसोर्सिंग से कराने का प्रस्ताव लाया गया। इसे एक स्वर से सभी वार्ड पार्षदों ने हाथ उठाकर खारिज कर दिया। इसी क्रम में मेयर मीटिंग काे बगैर स्थगित किए चले गए ताे अध्यक्षता मैंने की। सर्वसम्मति से संपत्ति कर वसूली के आउटसोर्सिंग के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया। इसका वीडियो फुटेज रिकॉर्डिंग में स्पष्ट होगा। लेकिन, मीटिंग की जाे प्रोसीडिंग सार्वजनिक की गई है उसमें यह दर्ज है

कि मेयर के चले जाने के बाद बैठक स्थगित करने के विरोध में डिप्टी मेयर के नेतृत्व में पार्षदों द्वारा हल्ला-हंगामा किया गया। यह बिल्कुल गलत है। पार्षदों के विरोध को देखते हुए मैंने उन्हें शांत करते हुए मीटिंग की कार्यवाही को आगे बढ़ाया था।

आउटसोर्सिंग खारिज कर 174 योजनाओं की राशि के भुगतान की दी गई थी मंजूरी- होल्डिंग टैक्स आउटसोर्सिंग के प्रस्ताव को खारिज करते हुए लंबित 174 योजनाओं के भुगतान की सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई थी। इस दौरान नगर विधायक विजेन्द्र चौधरी, नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय समेत तमाम पदाधिकारी व सदस्यगण मौजूद थे। इसका जिक्र प्रोसीडिंग में नहीं किया गया है। डिप्टी मेयर ने कहा है कि प्रोसीडिंग में मेरे नेतृत्व में हंगामे की जाे बात अंकित की गई है उसमें 3 दिनों के अंदर सुधार नहीं हुअा ताे मेयर समेत जिन सक्षम पदाधिकारी का उस पर हस्ताक्षर है, उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने के लिए हम स्वतंत्र होंगे।

प्राेसीडिंग में छेड़छाड़ का पहले भी लगा है आरोप- नगर निगम सशक्त स्थाई समिति की बैठक में बिना प्रस्ताव के आउटसोर्सिंग से होल्डिंग टैक्स वसूली का प्रस्ताव पारित करने में पार्षदाें की अाेर से छेड़छाड़ करने का और पाइपलाइन के भुगतान को लेकर बगैर चर्चा के सशक्त स्थाई समिति की प्रोसीडिंग में प्रस्ताव को पारित करने लग चुका है आराेप।

आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर मेयर को बुलानी होगी विशेष बैठक- उधर, सोमवार की शाम महापौर ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर कहा कि निगम बोर्ड की बैठक की कार्यवाही पुस्तिका में होल्डिंग टैक्स के वार्षिक मूल्यांकन में संशोधन पर विचार हेतु प्रस्ताव लाया गया था। उक्त प्रस्ताव पर किसी प्रकार की चर्चा नहीं हुई। वार्ड पार्षदों द्वारा विमर्श भी नहीं किया गया। उक्त आलोक में पत्र निर्गत किया जाए। प्रोसीडिंग में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करने का उल्लेख है। शहर में होल्डिंग टैक्स वसूली आउटसोर्सिंग कराने को लेकर चल रहे विवाद के बीच महापौर को विशेष बैठक बुलानी पड़ सकती है। डिप्टी मेयर मानमर्दन शुक्ला ने 17 पार्षदों के साथ पिछले दिनों नगर आयुक्त को पत्र लिखकर विशेष बैठक बुलाने की मांग की थी। नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय ने डिप्टी मेयर के पत्र के आलोक में मेयर को पत्र लिखा है। जानकारों का कहना है कि ऐसी स्थिति में महापौर को विशेष बैठक बुलानी होगी अन्यथा डिप्टी मेयर भी विशेष बैठक बुला सकते हैं। विशेष बैठक में आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर वोटिंग की संभावना जताई जा रही है।

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