एमआईटी के प्राचार्य डॉ. जगदानंद झा का सोमवार को निधन हो गया। इलाज के दौरान एसकेएमसीएच में उन्होंने शाम 4.30 बजे अंतिम सांस ली। वे बीते तीन माह से लीवर कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। उनका इलाज दिल्ली के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। पिछले सप्ताह ही उन्हें कॉलेज स्थित आवास पर लाया गया था। सुबह तबी’यत बिग’ड़ने के बाद उन्हें एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया था। वे 56 वर्ष के थे।
उनके निधन की सूचना के बाद शिक्षा जगत में शोक जताया है। शिक्षक से लेकर छात्र और शहर के लोग उनके अंतिम दर्शन को पहुंचे। कॉलेज शिक्षकों ने कहा कि आठ दिसंबर को डॉ. झा के पेट में दर्द होने पर दिल्ली स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चार मार्च को वह मुजफ्फरपुर लौटे थे। वह मूलरूप से झारखंड के देवघर के बीएन झा रोड के रहने वाले थे। वे बिहार के तीसरे मुख्यमंत्री विनोदानंद झा के पौत्र थे। डॉ. झा ने एनआईटी कालीकट व एनआईटी जमशेदपुर से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद गुरुनानक देव इंजीनियरिंग कॉलेज लुधियाना में सिविल डिपोर्टमेंट में प्रोफेसर हुए। जनवरी 2017 में एमआईटी में योगदान दिया। इससे पहले वे सीतामढ़ी के प्राचार्य बनाये गये थे। डॉ. झा के अलावा उनके परिवार में दो पुत्री जूही व रुन्नु और पत्नी हैं। देर शाम तक उनके आवास पर लोगों का आना जाना लगा रहा। शोक व्यक्त करने वालों में प्रो. मणिकांत, प्रो. आशीष कुमार, प्रो. एचसी वर्मा, प्रो. अंकित, प्रो. संतोष, प्रो. सादाब रब्बानी, डॉ. एके राय सहित कॉलेज के तमाम शिक्षक, कर्मचारी के अलावा छात्रों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।







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