ये महं’गाई जो न कराएं। इस म’हंगाई ने प्याज (Onion) को देवता (God) बना दिया है। इस ‘देवता’ को पाने की झपटमा’री में लोगों को हेलमेट तक पहनना पड़ा है। बिहार की ये दोनों घटनाएं चर्चा में हैं। लेकिन, प्याज को लेकर इनसे हटकर बड़ी खबर तो बिहार सीमावर्ती यूपी के वाराणसी से आ रही है। वहां समाजवादी पार्टी (Sanamajwadi Party) के कार्यकर्ता आधार कार्ड (Aadhar Card) या चांदी (Silver) के गहने गिरवी रखकर प्याज दे महंगाई का विरोध कर रहे हैं।इन दिनों पूरे देश में प्याज की कीमतों में ज’बरदस्त उ’छाल आया है। बिहार की बात करें तो 80 से 70 रुपये के बीच बिक रहा है। कुछ जगह तो प्याज की कीमत सौ रुपये तक पहुंच गई है। कीमतें पटरी पर आ जाएं, इसके लिए लोग अब प्याज को भगवान मानकर पूजा (Worship of Onion) तक करने लगे हैं।

जी हां, बिहार के मुजफ्फरपुर में लोगों ने प्याज को महंगाई का देवता मानकर पूजा की है। प्याज पर फूल अर्पित कर तथा धूप-अगरबत्ती दिखाकर उसकी पूजा की गई।मुजफ्फरपुर के सरैयागंज में एक गैर सरकारी संस्था ‘हक हिंदुस्तान मोर्चा’ के सदस्यों ने एक फोटो फ्रेम में प्याज को भगवान की तरह सजाया। फ्रेम पर फूल माला चढ़ाया गया। लोगों ने धूप-अगरबत्ती दिखाकर उसकी पूजा की। इस अनोखी पूजा को देखने के लिए वहां भीड़ इकट्ठी हो गई। भीड़ भी ऐसी कि कुछ देर तक ट्रैफिक जाम (Traffic Jam) का नजारा रहा।प्याज की इस पूजा से आम लोगों में महंगाई को लेकर गुस्सा ताजा हो गया। लाेग प्याज की बढ़ी कीमतों के लिए सरकार को जिम्मेदार मान रहे थे।इसके पहले पटना में बिस्कोमान के सौजन्य से 35 रुपये किलो की दर पर सस्ते प्याज की दुकानें लगाई गईं। लेकिन इन दुकानों पर प्याज खरीदने के लिए भी’ड़ उम’ड़ पड़ी। इस दौ’रान वहां लोग आपस में उ’लझते दिखाई दिए। कई जगह तो ऐसी दुकानों पर प्याज बेच रहे कर्म’चारियों पर भी ह’मले हुए। ऐसे में बिस्कोमान के कर्मचारी कुछ जगह हेलमेट पहनकर प्याज बे’चते देखे गए।प्याज की महंगाई पर अब राजनीति भी ग’रमा गई है।

जन अधिकार पार्टी (JAP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने बुधवार को जमाखोरी और महं’गाई के खिला’फ राष्ट्रीय ज’नतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दलों भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल यूनाइटेड (JDU) और लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के कार्यालयों के बाहर ठे’ला लगाकर सस्ते दर पर प्याज बेचेंगे। उन्होंने कहा कि वे 35 रूपए किलो की दर पर गरीबों के बीच प्याज बेचेंगे और अच्छे दिन की बात करने वाले लोगों को ब’ताएंगे कि ये कौन से अच्छे दिन है, जहां लगातार गरीबों की थाली पर ह’मला हो रहा है।



Leave a Reply