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सोना और चांदी के दाम 13,000 रुपये से ज्‍यादा गिरे, जानें मौजूदा कीमतों पर कितना मिल सकता है मुनाफा

दिल्‍ली. दुनियाभर और खासतौर पर भारत में सोने को मुश्किल दौर का सबसे मददगार साथी माना जाता है. कोरोना संकट के बीच सोने से जुड़ी ये कहावत सही साबित हुई. पूरी दुनिया पर कोरोना वायरस का प्रकोप फैला और बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाएं मुश्किल में फंस गईं तब गोल्‍ड ने 2020 के दौरान निवेशकों को जमकर मुनाफा कमाकर दिया. दिल्‍ली सर्राफा बाजार में 7 अगस्‍त 2020 को गोल्‍ड की कीमत (Gold Prices) 57,008 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वोच्‍च स्‍तर पर बंद हुई.

कीमती पीली धातु के दाम 7 अगस्‍त 2020 के भाव से शुक्रवार 5 मार्च 2021 तक 13,121 रुपये की गिरावट के साथ 43,887 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए हैं. वहीं, चांदी 7 अगस्‍त 2020 को 77,840 रुपये प्रति किग्रा पर थी, जो बीते शुक्रवार को 13,035 रुपये कम होकर 64,805 रुपये पर पहुंच गई है. इस बीच हर दिन गिरती कीमतों के कारण निवेशक इस ऊहापोह में हैं कि उन्‍हें गोल्‍ड में निवेश करना चाहिए या कुछ और इंतजार करना चाहिए. वहीं, कुछ निवेशक अपने पास मौजूद गोल्‍ड को बेचने या रोककर रखने को लेकर उलझन में हैं. आइए जानते हैं कि आने वाल समय में सोने में क्‍या ट्रेंड रह सकता है?


इस साल 63,000 रुपये के स्‍तर को पार करेगा सोना
विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे दुनियाभर में कोरोना वैक्‍सीनेशन का अभियान रफ्तार पकड़ रहा है, वैसे-वैसे लोग दूसरे निवेश विकल्‍पों का रुख कर रहे हैं. इससे सोने के दामों में गिरावट हुई है. हालांकि, उन्‍हें नहीं लगता कि ये स्थिति ज्‍यादा समय तक बनी रहेगी. दुनिया के ज्‍यादातर शेयर बाजारों समेत इंडियन स्‍टॉक एक्‍सचेंज भी काफी रफ्तार पकड़ चुके हैं. अब बीच-बीच में मुनाफावसूली के कारण बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. शेयर बाजारों के ज्‍यादा ऊपर जाने पर मुनाफे के साथ जोखिम भी बढ़ जाता है. ऐसे में बड़ी संख्‍या में निवेशक फिर सबसे सुरक्षित निवेश विकल्‍प गोल्‍ड का रुख करेंगे. इससे सोने की कीमतों को समर्थन मिलेगा और ये फिर बढ़ना शुरू हो जाएंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि 2021 में गोल्‍ड की कीमतें बढ़ना तय है. अनुमान है कि सोने की कीमतों में बढ़ोतरी शुरू होगी तो ये 63,000 रुपये के स्‍तर को पार कर जाएगी.

मौजूदा कीमतों पर लंबी अवधि में मिल सकता है बड़ा मुनाफा
निवेशकों का बड़ा तबका ऐसा भी है, जो ये जानना चाहता है कि क्‍या मौजूदा कीमतों पर गोल्‍ड में निवेश करना सुरक्षित रहेगा. क्‍या उन्‍हें इस मौके का फायदा उठाकर लंबी अवधि में भारी-भरकम मुनाफा मिल सकता है. इस पर विशेषज्ञों का कहना है कि सोने के दामों में हुई मौजूदा गिरावट के कई कारण हैं. इनमें सबसे बड़ा कारण कोरोना वैक्‍सीन के टीकाकरण अभियान में तेजी, नई वैक्‍सीन्‍स को लेकर लगातार आ रही अच्‍छी खबरों और इससे आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी है. वहीं, डॉलर का दूसरी बड़ी करेंसीज के मुकाबले मजबूत होने से भी गोल्‍ड की कीमतों पर असर पड़ रहा है. उनके मुताबिक, अमेरिकी डॉलर और सोना एकदूसरे के उलट व्‍यवहार करते हैं. अगर डॉलर की मांग में इजाफा होगा तो सोने के दाम दबाव में आ जाएंगे.

निवेशक कर रहे हैं ज्‍यादा जोखिम वाले विकल्‍पों का रुख
कोरोना वैक्‍सीनेशन रफ्तार बढ़ने के साथ आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आ रही है. ऐसे में लोग ज्‍यादा जोखिम वाले निवेश विकल्‍पों का रुख कर रहे हैं. इनमें इक्विटी और क्रिप्‍टोकरेंसी जैसे विकल्‍प शामिल हैं. वहीं, गोल्‍ड की कीमतों में गिरावट अस्‍थायी और कम समय के लिए है. लिहाजा, निवेशक मौजूदा कीमतों पर सोने में निवेश कर लंबी अवधि में शानदार मुनाफा कमा सकते हैं. इसके उलट इक्विटी में आई तेजी के लंबी अवधि तक टिके रहने की गुंजाइश कम नजर आ रही है. लिहाजा, जल्‍द मुनाफा कमाकर बाहर निकलना बेहतर विकल्‍प साबित हो सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, जून 2021 तक 1960 डॉलर प्रति औंस का उच्‍चस्‍तर छू सकता है.

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