चारा घोटाले के चार मामलों के सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के जे’ल मैनुअल उ’ल्लंघन मामले में शुक्रवार को झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हो रही है। अदालत ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की है। यह मामला बिहार-झारखंड के राजनीतिक घ’टनाक्रम से जुड़ा है।
जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार गिराने के लिए भाजपा विधायक ललन पासवान काे लालू (Lalu) की ओर से फोन कर मंत्री बनाने का लालच देने का कथित आरोप लगा था। इस क्रम में लालू को रिम्स के पेइंग वार्ड से निदेशक के बंगला में शिफ्ट करने पर भी अदालत ने कड़ी टिप्पणी की। साथ ही लालू के साथ किस शर्त-नियम से सेवादार रखे गए हैं, कोर्ट ने इस पर भी जेल प्रबंधन और रिम्स निदेशक की क्लास लगाई थी। जेल नियमों को तोड़ने के इस आ’राेप में आज सु’नवाई हो रही है।
चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे लालू यादव के जेल मैनुअल उल्लंघन मामले में अब से कुछ देर बाद उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई में जब जज ने लालू का हाल पूछा था, तब लालू यादव के वकील ने 17 बीमारियां गिनाईं थीं। यह मामला जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। पिछली सुनवाई के दौरान लालू को बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची से दिल्ली एम्स भेजने के लिए बनी मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट अदालत के रिकॉर्ड पर नहीं होने के वजह से सुनवाई टल गई थी।
इस मामले में रिम्स निदेशक की ओर से दाखिल की गई लालू की मेडिकल बोर्ड रिपोर्ट कोर्ट रिकॉर्ड में शामिल नहीं हो पाई और दोबारा रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया था। इस दौरान अदालत ने लालू प्रसाद के स्वास्थ्य की भी जानकारी ली थी। जिस पर उनके अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने कहा था कि एम्स में इलाज के दौरान राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य में थोड़ा-बहुत सुधार है।
रिम्स निदेशक को हाजिर होने का निर्देश
झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ में रिम्स की लचर व्यवस्था पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने रिम्स निदेशक को 18 मार्च को वीसी के जरिए अदालत में हाजिर होने का निर्देश दिया है। अदालत ने निदेशक को रिम्स में उपलब्ध संसाधन और कमियों की जानकारी देने का निर्देश दिया है।

पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मामले में रिम्स से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। पूछा था कि कोरोना काल में कौन-कौन से उपकरण खरीदे गए हैं। फिलहाल कितने संसाधन उपलब्ध हैं और कितने कम है। अदालत ने रिम्स में सभी तरह के रिक्त पदों का ब्योरा भी मांगा था। गुरुवार को रिम्स की ओर से इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय देने का आग्रह कोर्ट से किया गया। जिसे स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 18 मार्च को निर्धारित की है।






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