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अरबपति बिल गेट्स ने जिस लड़की को गोद लेकर पढ़ाने का किया था वादा, जानिए क्या हैं उसके हाल

पटना. बिहार की राजधानी पटना से सटे दानापुर के जमसौत गांव में माइक्रोसोफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स और मिलिंडा गेट्स ने अपने संस्था के माध्यम से गांव के विकास का वादा किया था. लेकिन, 10 साल बाद भी इस गांव की तस्वीर नहीं बदली. उन्होंने जिस बेटी को गोद में उठाकर उसे पढ़ाने की बात कही थी, उस लड़की का परिवार आर्थिक तंगी से बदहाल है और वह पढ़ाई भी नहीं कर पा रही है.

दानापुर के जमसौत की रहने वाली रानी और उसके मां-बाप से जब माइक्रोसॉफ्ट के संस्‍थापक अरबपति बिल गेट्स और उनकी पत्नी मिलिंडा गेट्स मिले थे, तो उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था. गेट्स फाउंडेशन के तहत 23 मार्च 2011 को जमसौत पहुंचकर गांव के विकास के साथ-साथ गांव की नन्ही बेटी रानी को अपनी गोद में लिया था और उसे अपनी बेटी जैसा बताकर पढ़ाने की जिम्मेदारी उठाने का वादा किया था. आज रानी 11 वर्ष की हो गई है और उसका परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है. रानी स्कूल नहीं जा पा रही है, लेकिन मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने फिर से कोई सुध नहीं ली.

गेट्स फाउंडेशन द्वारा गोद लिए गांव की सूरत बदली और न ही मिलिंडा गेट्स के गोद में खेलने वाली रानी की पढ़ाई में मदद मिली. रानी हंसते हुए बताती है कि हम पढ़ना चाहते हैं, लेकिन पढ़ नहीं पाते मजबूरी है. इसके आगे रानी को कुछ भी पता नहीं और सिर्फ पूछे जाने पर मुस्कुराते हुए कुछ भी नहीं बोल पाती.

‘कोई सुध तक लेने नहीं आया’
दानापुर के जमसौत निवासी रानी कुमारी और लगभग 11 साल की हो चुकी है. रानी की मां कुंती देवी को आज भी वह दिन याद है, जब उनकी नन्ही सी बेटी रानी को गेट्स दंपति ने गोद लिया था. उन्हें अपने बेटी की तरह बताते हुए प्यार किया था. कुंती देवी बताती हैं कि अमेरिका से लोग हमारे घर पहुंचे थे और हमारी बच्ची रानी को गोद लिया वह क्या क्या बोल रहे थे, हमें तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था. इसके बाद आज तक मेरे पास कोई नहीं आया.

गेट्स फाउंडेशन का वादा हवाई-हवाई 
बिल गेट्स फाउंडेशन और बिहार सरकार के बीच स्वास्थ्य सुधार के लिए एक समझौता हुआ था. भारत आगमन के दौरान बिल गेट्स दंपत्ति दानापुर के जमसौत पहुंचे थे. उन्होंनेे विकास की बात की थी, लेकिन आज गांव के अधिकांश लोग निरक्षर हैं, यहां शिक्षा की लौ नहीं है. नई पीढ़ी के लिए एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय और एक आंगनबाड़ी केंद्र है. बहरहाल 2011 में बिल गेट्स फाउंडेशन के वादे आज हवा हो गया है, गांव का कोई विकास नहीं दिखाई दे रहा है.

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