BIHARBreaking NewsSTATE

कांग्रेस ने की बिहार में श’राब की दुकानें खुलवाने की मांग, सीएम नीतीश का दो टूक जवाब- शरा’बबंदी से कोई समझौता नहीं

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि श’राबबंदी को लेकर उनकी सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने यह बात मंगलवार को विधानमंडल में राज्यपाल के अभिभाषण पर दो दिनी वाद-वि’वाद के बाद सरकार का पक्ष रखते हुए कही। कांग्रेस सदस्यों द्वारा श’राब की दुकानें खुलवाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने श’राबबंदी को लेकर अपनी प्रतिबद्धता फिर दोहराई। कहा कि गांधी के विचार से समझौता संभव नहीं है। सरकार के जवाब के दौरान विपक्षी सदस्यों ने शोरगुल करते हुए सदन से वॉकआउट किया।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता की रसीद सदन में दिखाते हुए कहा कि इसमें लिखा है कि मैं (सदस्यता लेने वाला) खुद को मादक पदार्थों से दूर रखूंगा। उसी पार्टी के सदस्य श’राब की दुकानें खुलवाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चुटकी ली कि कांग्रेस पहले अपने सदस्यता फॉर्म से यह बात उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बिहार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। कहा कि सबके सहयोग से बिहार विकसित होगा। 

इथनॉल उत्पादन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इथनॉल के उत्पादन को लेकर हमने वर्ष 2007 में ही विधानमंडल से अमेंडमेंड प्रस्ताव पास कराकर केंद्र को भेजा था। तब शरद पवार मंत्री थे। केंद्र सरकार से इजाजत नहीं मिली। कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार ने इसके लिए कानून में जरूरी बदलाव कर दिया है। कहा कि बिहार में इथनॉल उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। सरकार इसे प्रोत्साहित करेगी। हम इकाइयां लगाने को जमीन भी देंगे। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे।

दफ्तर में नहीं बैठेंगे निर्माण विभागों के इंजीनियर
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण विभागों के इंजीनियर अब दफ्तर में नहीं बैठेंगे। उन्हें सड़कों और भवनों का रखरखाव देखना होगा। कहा कि इस काम को एजेंसी पर नहीं छोड़ा जा सकता। कहा कि सड़कों-भवनों के मेंटेनेंस का जिम्मा संबंधित विभाग और उसके इंजीनियरों का होगा। इसके लिए जितने कर्मी चाहिए, उनकी सूची बनाने के लिए कहा है। इन कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी।

हर खेत तक पहुंचाएंगे पानी 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर खेत तक पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए बजट में राशि का प्रावधान किया गया है। कहा कि सरकार जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है। इसकी शुरुआत नालंदा से हुई थी। अब गंगा किनारे के 12 जिलों में चल रही है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.