कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन के दौरान हर सेक्टर में मंदी का रुख बना हुआ था. इस दौरान सोना-चांदी की कीमतें (Gold & Silver Prices) हर दिन आसमान छू रही थीं. लॉकडाउन में ढील के बाद अगस्त 2020 में सोना और चांदी की कीमतों ने अपना सर्वोच्च स्तर (All-Time High) छुआ. इसके बाद हालात सुधरने पर निवेशकों ने दूसरे विकल्पों का रुख करना शुरू कर दिया. अब कोरोना वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) आने और टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उठापटक शुरू हो रही है. अगस्त 2020 से अब तक गोल्ड की कीमतों में करीब 10,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा की गिरावट दर्ज की जा चुकी है. वहीं, चांदी भी अपने सर्वोच्च से करीब 10,000 रुपये प्रति किलोग्राम गिर चुकी है.
गोल्ड ने कोरोना संकट के बीच अगस्त 2020 में 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम का सर्वोच्च स्तर छुआ था. वहीं, चांदी इसी दौरान 77,840 रुपये प्रति किग्रा के शीर्ष स्तर पर पहुंच गई थी. दिल्ली सर्राफा बाजार में गोल्ड की कीमत 13 फरवरी 2021 को 46,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई. वहीं, चांदी लुढ़ककर 67,894 रुपये प्रति किग्रा पर पहुंच गई. गोल्ड पिछले कुछ साल से लगातार बड़ी-बड़ी छलांग लगा रहा है. सीधे शब्दों में समझें तो सोने के भाव में अगस्त 2020 से अब तक 9,810 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी में 9,946 रुपये प्रति किग्रा की कमी आ चुकी है. पिछले साल गोल्ड में 28 फीसदी बढ़ोतरी हुई. वहीं, 2019 में भी दोहरे अंकों में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी.
डॉलर इंडेक्स के साथ कारोबार करते हैं सोना-चांदी
सोने का भाव 13 फरवरी 2021 को 457 रुपये घटकर 46,390 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा था. वहीं, चांदी 347 रुपये घटकर 67,894 रुपये प्रति किग्रा हो गई थी. पिछले कारोबारी सत्र में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange) पर चांदी 68,241 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जबकि सोना 661 रुपये की गिरावट के बाद 46,847 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,815 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर और चांदी 26.96 डॉलर प्रति औंस पर सपाट रही. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) तपन पटेल ने कहा कि गोल्ड की कीमतें डॉलर इंडेक्स के कमजोर होने के साथ कारोबार करती हैं.
आयात शुल्क में कटौती की घोषणा से बढ़ी उठापटक
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए पेश किए बजट में सोने और चांदी पर आयात शुल्क (Import Duty) में भारी कटौती की घोषणा की थी. सोने और चांदी पर आयात शुल्क में 5 फीसदी की कटौती की है. इस समय फिलहाल सोने और चांदी पर 12.5 फीसदी आयात शुल्क देना होता है. 5 फीसदी की कटौती के बाद सिर्फ 7.5 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी देनी होगी. इस घोषणा के बाद से सोने-चांदी की कीमतों में लगातार तेज उठापटक शुरू हो गई है. बता दें कि 1 फरवरी 2021 को सोने में 1324 रुपये की गिरावट हुई थी और ये 47,520 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था. हालांकि, चांदी में करीब 3़461 रुपये की तेजी देखी गई और ये 72,470 रुपये प्रति किग्रा पर पहुंच गई थी.
मौजूदा स्तर पर निवेश से हो सकता है तगड़ा मुनाफा
गोल्ड में पिछले वर्षों की तर्ज पर इस साल भी बढ़ोतरी हुई तो ये 60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अनुमान सही रहा तो मौजूदा कीमतों पर गोल्ड में निवेश लोगों को तगड़ा फायदा करा सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि 2020 में कोरोना संकट के कारण अनिश्चित आर्थिक माहौल के कारण लोगों ने गोल्ड को सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प मानकर जमकर पैसा लगाया और इसकी कीमतों में उछाल दर्ज किया गया. हालांकि, कोरोना वैक्सीन आने और आर्थिक गतिविधियों में तेजी के कारण सोने की कीमतों में कमी दर्ज की जा रही है.






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