दिल्ली. केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) के स्विच दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन अभियान (Switch Delhi Electric Vehicles Campaign) को पहले सप्ताह में ही जबरदस्त समर्थन मिला है. दिल्ली की जनता और उद्योग जगत से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है. दिल्लीवासियों ने बड़ी तादाद में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदना शुरू कर दिया है. दिल्ली ईवी नीति की अगस्त 2020 में शुरूआत के बाद से अब तक 630 नए ईवी दोपहिया पंजीकृत किए गए हैं और रोजाना हर दिन कई गाड़ियां और पंजीकृत किए जा रहे हैं. हर दिन पंजीकृत हो रहे यह वाहन न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि ईंधन लागत पर 22 हजार रुपये तक वार्षिक बचत करने वाला है.
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के बारे ये है राय
सोशल साइट्स पर दिल्ली के व्यवसायी से लेकर सुरक्षा कर्मचारी, सरकारी कर्मचारी तक इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहन खरीदने की कहानियां साझा कर रहे हैं. स्विच दिल्ली अभियान से उत्साहित होकर ईवी दोपहिया कंपनी अथर, बजाज और टीवीएस ने दिल्ली में वाहनों के नए मॉडल लॉन्च करने का फैसला किया है.
बिजनेसमैन की ये है राय
बजाज ऑटो के एमडी राजीव बजाज ने कहा है कि दिल्ली सरकार की व्यापक, व्यावहारिक और प्रगतिशील ईवी नीति ने हमें चेतक के इलेक्ट्रिक अवतार को तीन पहिया वाहनों की श्रेणी में पेश करने के लिए प्रेरित किया. अथर के सह संस्थापक तरुण मेहता के मुताबिक स्विच ईवी अभियान शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर उपभोक्ता की रुचि को पुनर्जीवित करना चाहिए. हम जल्द ही दिल्ली में अपना एक्सपीरियंस सेंटर खोलेंगे.
दिल्ली के परिवहन मंत्री ने ये कहा
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा है कि दिल्ली ईवी नीति के शुभारंभ के बाद से 630 नए ईवी दोपहिया वाहनों का पंजीकरण किया गया है. हर दिन वाहन पंजीकृत किए जा रहे हैं. आरएमआई इंडिया द्वारा किए गए विश्लेषण में दिल्ली ईवी पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक टू व्हीलर्स पर दी जाने वाली सब्सिडी और शीर्ष दो पेट्रोल वाहनों के मूल्य की तुलना की है, लेकिन असली बचत संचालन लागत में है. इलेक्ट्रिक टू व्हीलर पर स्विच करके एक व्यक्ति को पेट्रोल स्कूटर-बाइक की तुलना में लगभग 1850 से 1650 की मासिक बचत होगी. पेट्रोल स्कूटर का उपयोग करने की तुलना में लगभग 22 हजार रुपये और पेट्रोल बाइक की तुलना में 20 हजार रुपये की बचत होगी.’
इलेक्ट्रिक वाहन से इतना कार्बन उत्सर्जन होता है
कैलाश गहलोत ने कहा कि एक औसत इलेक्ट्रिक टू व्हीलर एक पेट्रोल दो पहिया वाहन की तुलना में 1.98 टन कार्बन उत्सर्जन कम करता है. इसे सीधे शब्दों में कहें तो हमें 1.98 टन सीओ 2 को अवशोषित करने के लिए लगभग 11 पेड़ों की जरूरत है. इलेक्ट्रिक वाहन पर स्विच कर हम पर्यावरण को बचा सकते हैं.
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों की ये है राय
बिजनेसमैन और तीसरी बार इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले दलबीर चंद कोहली कहते हैं, ‘दिल्ली में ईवी खरीदने वाला सात साल पहले मैं पहला व्यक्ति था. दिल्ली सरकार की ईवी नीति के बाद मैंने तीसरा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा और 7700 रुपये की सब्सिडी प्राप्त की. रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट प्राप्त की है. मैं निश्चित रूप से सुझाव दूंगा कि हर व्यक्ति को ईवी पर स्विच करना चाहिए क्योंकि इससे कम प्रदूषण होता है. काफी कम आवाज होती है और घर पर बहुत आसानी से चार्ज किया जा सकता है. मुझे इलेक्ट्रिक वाहन चलाने का अच्छा अनुभव रहा है.’
इसी तरह व्यवसायी संजय बेरी ने हाल ही में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा और कहा कि मैंने ईवी में स्विच किया है और इससे मुझे वास्तविक रूप से आर्थिक मदद मिली है. सरकारी कर्मचारी और ईवी मालिक मनवीर सिंह ने कहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने दिल्ली के लोगों से प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है. इसने मुझे ईलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रेरित किया. वहीं, सुरक्षा गार्ड और ईलेक्ट्रिक वाहन मालिक जितेन्द्र कुमार ने कहा कि मेरी इलेक्ट्रिक बाइक नियमित रूप से और अच्छी तरह से काम करती है. इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के बाद से मेरे ईंधन के खर्च में कटौती आई है. मेरी मासिक आय 10 हजार रुपए रुपए है और मैं पेट्रोल पर बहुत पैसा खर्च करता था. अब मैं लगभग 3500 रुपए मासिक बचत कर रहा हूं, जो मैं अपने उपयोग लाया. इस बचत से मुझे अपने अन्य खर्चों के प्रबंधन में मदद मिली है.






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