स्थानीय केंद्रीय कारा में बंद अमेरिकी नागरिक डेविड क्विंग दुह्यन की वर्तमान स्थिति के बारे में मानवाधिकार आयोग ने चार सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है। आयोग के निर्देश पर मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा उक्त बंदी के बारे में पता लगाकर चार सप्ताह में रिपोर्ट देंगे।
बता दें कि मार्च 2018 को मधुबनी के बासोपट्टी थाना अंतर्गत खौना ओपी के समीप से एसएसबी ने बिना वीजा के मामले में अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया था। मामले में बासोपट्टी थाना में विदेशी अधिनियम के तहत कांड अंकित कराया गया था। मधुबनी कोर्ट ने पांच साल की कैद व दो हजार का जुर्माना की सजा सुनाई थी। इस बीच सुरक्षा के मद्देनजर उसे मधुबनी से सेंट्रल जेल मुजफ्फरपुर भेजा गया। कोर्ट से उसे जमानत का लाभ मिला। लेकिन भारत में कोई जमानतदार नहीं मिलने के कारण वह बाहर नहीं आ सका। बताते चलें कि मामले में अधिवक्ता ने इस संबंध में पत्राचार किया था। इसपर पुलिस के वरीय अधिकारियों से रिपोर्ट मांगा गई। मगर कोई जवाब नहीं मिलने पर अधिवक्ता से भी पूरे मामले में वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है।
सकरा थानाध्यक्ष समेत तीन पर कोर्ट में परिवाद
मुजफ्फरपुर : सकरा थानाध्यक्ष रामनाथ प्रसाद समेत तीन पर सकरा इलाके की एक महिला ने सीजेएम कोर्ट में शुक्रवार को परिवाद दायर कराया है। कोर्ट ने मामले में सुनवाई के लिए 22 फरवरी की तिथि निर्धारित की है। परि’वाद में गाली देकर मा’रपी’ट करने व दु’ष्कर्म के प्रयास का आरो’प लगाते हुए सकरा थानाध्यक्ष रामनाथ प्रसाद, दारोगा सत्येंद्र कुमार पांडेय व शंकर राय को आ’रोपित किया गया है। महिला का आरोप है कि नौ फरवरी देर रात उक्त सभी आरोपित उसके घर पहुंच दरवाजा पी’टने लगे। पूछने पर जवाब मिला पुलिस वाले हैं। जब दरवाजा खोला तो सभी आरोपित गाली देते हुए घर में घुस गए और पूछने लगे कि श’राब व गां’जा कहां छिपाकर रखा है? महिला द्वारा घर में अकेली होने की बात कहने पर आ’रोपितों ने मा’रपी’ट करते हुए दु’ष्कर्म का प्रयास किया। शोर मचाने पर स्थानीय लोग जुटे तो महिला की जान बची। इधर, सकरा थानाध्यक्ष का कहना है कि महिला का आ:रोप निराधार है। आ’पराधिक मामले में छापेमा”री करने पर साजिशन दबाव बनाने के लिए झृठा आ’रोप लगाया जा रहा है।






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