उत्तराखंड के चमोली में सात फरवरी को हुई भीषण त्रासदी में गायघाट के कांटा का एक युवक लापता है। रीतेश कुमार (30) के एक दोस्त ने उनके बड़े भाई रमेश ठाकुर को फोन करके बताया कि जलप्रलय में काफी लोग मारे गए, जिसमें रीतेश भी शामिल है। फिलहाल उसका शव नहीं मिल सका है। इसके बाद रमेश ठाकुर ने वहां के प्रशासन से संपर्क किया तो उसे लापता लोगों की सूची उपलब्ध कराई गई। इसमें उसका नाम शामिल है। रमेश ठाकुर ने बताया कि रीतेश उत्तराखंड सरकार के पावर प्लांट में क्रेन का ड्राइवर था। दो माह पहले ही उसकी नौकरी स्थायी की गई थी। वह छठ पूजा में दस दिनों की छुट्टी बिताकर घर से गया था। उसकी शादी चार वर्ष पहले दरभंगा में हुई थी। दो लड़कियां क्रमश: दो व तीन वर्ष की हैं। पत्नी गुडिय़ा देवी दोनों बच्चों के साथ मायके में है। मां की पूर्व में ही मृत्यु हो चुकी है। घर के लोगों ने रीतेश के लापता होने की सूचना पिता लालबाबू ठाकुर व पत्नी गुडिय़ा देवी से छिपाकर रखी है। सूचना के बाद से पूरे गांव में शोक पसरा है।
सरैया में पैसा लेकर आवास नहीं बनाने वाले दो लोग गिरफ्तार
जैतपुर पुलिस ने गुरुवार को ओपी क्षेत्र की रामपुर विश्वनाथ पंचायत में पैसा लेने के बाद भी आवास नहीं बनाने पर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें मुजा के बालदेव महतो पिता स्व. सरयुग महतो और नरगी जीवनाथ पंचायत के धनुपरा निवासी संजीत बैठा पिता नागेंद्र बैठा शामिल हैैं। दोनों को जेल भेजा गया है। तीन साल पूर्व आवास की राशि उठाकर घर नहीं बनाने को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई गई थी। जैतपुर ओपी प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि दोनों लाभुकोंपर आवास योजना की राशि उठाकर घर निर्माण नहीं कराए जाने पर एफआइआर दर्ज कराई गई थी। इसके आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज गया है। उधर, बीडीओ डॉ.बीएन सिंह ने बताया कि प्रखंड में सौ लाभुकों ने राशि लेकर घर नहीं बनाया है। सभी पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। वहीं, 97 बिचौलिए चिह्नित किए गए हैैं। इनपर भी जल्द ही प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।






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