शहर जाम की समस्या से जूझ रहा है। जाम का बड़ा करण अवैध पार्किंग है। शहर में छोटे-बड़े वाहनों की पार्किंग के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। पार्किग स्थल के अभाव में सड़कों पर वाहन खड़े किए जा रहे हैं। इससे यातायात अवरुद्ध हो रहा है और शहरवासी जाम की समस्या से जूझ रहे हंै। इस समस्या के समाधान को जिला, निगम एवं पुलिस प्रशासन द्वारा सिर्फ योजनाएं बनाई जा रही हंै। उसे जमीन पर नहीं उतारा जा रहा है।
समाजसेवी संजीव रंजन का कहना है कि पार्किंग स्थल को विकसित करने की योजनाएं बनाई गईं। स्थल का चयन किया गया। इसे विकसित करने को एजेंसी का चयन भी किया गया। लेकिन चिह्नित स्थानों से अतिक्रमण नहीं हटाए जाने से योजना दम तोड़ गई। पांच साल पूर्व पार्किंग स्थल चिह्नित करने के लिए तत्कालीन नगर आयुक्त के नेतृत्व में दो दर्जन स्थान तय किए गए, लेकिन उनको विकसित नहीं किया गया। तबसे पार्किंग स्थल के निर्माण की योजना फाइलों में भटक रही है। वहीं, दूसरी ओर पार्किग स्थल के अभाव में शहरवासी सड़क व सड़क फ्लाई ओवर पर भी वाहनों को खड़ा कर रहे हैं।
पार्किंग के लिए चिह्नित स्थल
हरिसभा चौक, पुरानी बाजार नाका, पक्की सराय चौक, डीएन हाई स्कूल हाता, जिला स्कूल, अघोरिया बाजार से रामदयालु रोड में स्टेट बैंक, जेनीथ पेट्रोल पंप, सदर थाना, छाता बाजार गोलंबर, बीबी कालेजिएट, भगवानपुर चौक, गोबरसही, पशुपालन विभाग के पास खाली जमीन।
बीबीगंज के ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि पार्किग स्थल के अभाव में सड़क पर वाहन खड़ा करने की मजबूरी होती है। प्रशासन को चाहिए पार्किग स्थल बनाए ताकि सड़क पर वहन खड़ा करने की मजबूरी नहीं रहे। शास्त्रीनगर के डॉ. दीपक कुमार का कहना है कि निगम प्रशासन योजना तो बनाती है पर उसका कार्यान्वयन नहीं करती। मोतीझील फ्लाई ओवर के नीचे पार्किंग स्थल बनाया गया, लेकिन वहां अवैध दुकानें चल रही हंै। महापौर सुरेश कुमार ने कहा कि नगर निगम मोतीझील फ्लाई ओवर के नीचे पार्किंग स्थल का विकास करने जा रहा है। इसके लिए एजेंसी की बहाली हो गई है। इसे जल्द से जल्द पूरा करने की जिम्मेवारी संवेदक को दी गई है।






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