पटना. बिहार मंत्रिमंडल विस्तार (Bihar Cabinet Expansion) की खबर के साथ संभावित मंत्रियों के नामों को लेकर चर्चा तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक,नीतीश कैबिनेट में भाजपा कोटे से 9 और जेडीयू के कोटे से आठ मंत्री बन सकते हैं. इनमें भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और विधान परिषद सदस्य बनने जा रहे सैयद शाहनवाज हुसैन (Syed Shahnawaz Hussain) का नाम सबसे ऊपर है. इनका भाजपा कोटे से मंत्री बनना तय माना जा रहा है और कोई अहम विभाग मिलने की भी चर्चा है. वह मंगलवार को सुबह दिल्ली से पटना पहुंचेंगे.
सैयद शाहनवाज हुसैन के अलावा भाजपा से अंतरराष्ट्रीय शूटर और जमुई से बीजेपी विधायक श्रेयसी सिंह, पूर्व मंत्री और एमएलसी सम्राट चौधरी, विधायक नितिन नवीन, गोपालगंज से बीजेपी विधायक सुभाष सिंह, पूर्व मंत्री और झंझारपुर के विधायक नीतीश मिश्रा, दरभंगा नगर के विधायक संजय सरावगी, दीघा से विधायक संजीव चौरसिया के साथ वैशाली के लालगंज से विधायक संजय सिंह भी नीतीश मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. वहीं, भाजपा के कोटे से पश्चिम चंपारण की रामनगर (सु.) सीट विधायक भागीरथी देवी, पूर्वी चंपारण के मोतिहारी टाउन से विधायक और पूर्व मंत्री प्रमोद कुमार, पूर्वी चंपारण के मधुबन से विधायक राणा रणधीर, बनमनखी (सु.) सीट से विधायक और पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि भी मंत्री बनने की दौड़ में शामिल हैं.
जेडीयू के यह नेता भी रेस में
नीतीश कैबिनेट में जेडीयू की तरफ से पूर्व मंत्री और धमदाहा से विधायक लेसी सिंह, वाल्मीकिनगर से विधायक धीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह, भागलपुर के अमरपुर से विधायक जयंत राज, गोपालगंज के भोरे (सु.) सीट से विधायक सुनील कुमार, पूर्व मंत्री और नालंदा से विधायक श्रवण कुमार, दरभंगा के बहादुरपुर से विधायक मदन सहनी, बसपा छोड़कर जेडीयू में आए जमां खान के अलावा पूर्व में मंत्री रह चुके संजय झा का नाम चर्चा में है.
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में एनडीए को बहुमत मिलने के बाद 16 दिसंबर को 14 मंत्रियों के साथ नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. इस दौरान नीतीश कुमार के अलावा भाजपा के दो उपमुख्यमंत्री सहित 7 सदस्य और जेडीयू के पांच सदस्य के साथ जीतन राम मांझी की पार्टी से उनके पुत्र और विकासशील इंसान पार्टी से सहनी को भी मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया था. हालांकि कुछ समय बाद जेडीयू नेता और शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. वहीं, बिहार विधानसभा के सदस्यों की संख्या 243 है, जिसमें से 15 फीसदी विधायक मंत्री बन सकते हैं. साफ है कि बिहार मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 36 सदस्य शामिल हो सकते हैं.






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