जिले के निषाद समाज से राज्यसभा सदस्य रहे अनिल साहनी अब राजद विधायक हैं। वे उस समय जदयू में थे। वर्तमान विधानमंडल में एनडीए की ओर इस समाज का जिले से एक भी प्रतिनिधि नहीं है। यहां इनके मत प्रतिशत को देखते हुए भाजपा की ओर से इस दिशा में कदम उठाए जाने शुरू हो गए हैं। पार्टी किसी निषाद चेहरे को विधान परिषद में भेजने की कोशिश कर रही है। हाल में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में मुजफ्फरपुर की 11 विधानसभा सीटों में से एनडीए ने निषाद समाज को एक भी टिकट नहीं दिया। जबकि वर्ष 2014 से यह समाज एनडीए का परंपरागत वोटर रहा है।
केेंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात
2014 की बात करें तो उस समय चुनाव से पहले कैप्टन जयनारायण प्रसाद निषाद ने जदयू से सांसद रहते हुए नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने को लेकर अपने आवास पर शतचंडी यज्ञ का आयोजन किया था। इस बहाने इस समाज को एनडीए के प्रति गोलबंद किया था। कैप्टन निषाद अपने समाज के कद्दावर नेता थे। इनका प्रभाव ही था कि उसके बाद से लगातार निषाद समाज एक तरह से जिले में भाजपा के साथ है। आने वाले दिनों में भी निषाद समाज पार्टी के साथ पूरी तत्परता से रहे, इसके लिए भाजपा विधान परिषद में इस समाज के एक प्रतिनिधि को भेज सकती है। उनका मनोनयन राज्यपाल करेंगे। इसी क्रम में सांसद अजय निषाद ने केेंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। संयोगवश वहां जेपी नड्डा भी थे। इस मुलाकात के बाद अब भाजपा कोटे से निषाद समाज के प्रतिनिधि को भेजने की संभावन को और बल मिला है। भाजपा कोटे से विधानपरिषद जाने वालों में अर्जुन सहनी, अशोक सहनी, बिंदेश्वर सहनी, कैप्टन कमलेश सहनी, ललन चौधरी आदि के नाम आगे बताए जा रहे हैं। ये सभी भाजपा से लंबे समय से जुड़े हुए हैं।
इस तरह शुरू हुई कवायद
भाजपा सांसद अजय निषाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से उनके कक्ष में मुलाकात करने गए थे। उस समय बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद थे। इनकी उपस्थिति में उन्होंने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए द्वारा निषाद समाज के किसी भी व्यक्ति को टिकट नहीं दिए जाने की बात रखी। सांसद ने उनसे कहा कि 2015 में जब आप राष्ट्रीय अध्यक्ष थे तब चुनाव में निषाद समाज के दो लोगों को टिकट मिला था। लेकिन, इस बार किसी को भी टिकट नहीं मिला। जबकि चुनाव में इस समाज के 90 प्रतिशत लोगों ने एनडीए को वोट किया है। इसलिए समाज के लोगों को मौका मिलना चाहिए। सांसद ने कहा कि गृहमंत्री ने मेरी बात को ध्यानपूर्वक सुना और निषाद समाज के किसी व्यक्ति को एमएलसी बनाने का आश्वासन दिया है।
राज्यपाल कोटे से मिल सकता मौका
इस आश्वासन पर खुशी जाहिर करते हुए अजय निषाद ने कहा कि यदि पार्टी निषाद समाज से किसी व्यक्ति को एमएलसी बनाती है तो समाज के लोगों में बहुत अच्छा संदेश जाएगा। कहा कि मेरे जैसे छोटे कार्यकर्ता की बात भी पार्टी के शीर्ष नेता पूरी गंभीरता से सुनते हैं। यह पार्टी के अंदर के लोकतंत्र को दिखाता है। गौरतलब है कि बिहार में राज्यपाल कोटे से विधानपरिषद में 12 सदस्यों का मनोनयन होना है।






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