- उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से भीषण त्रासदी हुई है. पीड़ित परिवारों के प्रति हमारी संवेदना है. अलकनंदा गंगा की सहायक नदी है और उत्तर प्रदेश के अंदर गंगा लगभग 1,000 किलोमीटर का रास्ता तय करती है. हमने अपने जल शक्ति विभाग को अलर्ट कर दिया है: उत्तर प्रदेश CM योगी आदित्यनाथ
- 17:00 (IST)भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के एक प्रवक्ता ने तपोवन-रेनी में एक विद्युत परियोजना प्रभारी को उद्धृत करते हुए कहा कि परियोजना में काम करने वाले 150 से अधिक मजदूरों की मौत की आशंका है. उन्होंने बताया कि तीन शव बरामद किये गए हैं. राज्य के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कहा कि बिजली परियोजना पूरी तरह से बह गई है.
- 16:48 (IST)सात भारतीय नौसेना गोताखोरी टीमें उत्तराखंड में फ्लैश फ्लड रिलीफ ऑपरेशन के लिए स्टैंडबाय पर हैं: भारतीय नौसेना के अधिकार
- 16:37 (IST)मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के चमोली, तपोवन और जोशीमठ में सात और आठ फरवरी को प्रतिकूल मौसम की कोई आशंका नहीं.
- 16:31 (IST) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि वह उत्तराखंड के चमोली जिले में हिमखंड टूटने के कारण अचानक आई बाढ़ से उत्पन्न स्थिति पर निरंतर नजर रखे हुए हैं और बचाव एवं राहत अभियान को लेकर संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में हैं. पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘उत्तराखंड की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति पर निरंतर नजर रखे हुए हैं. भारत उत्तराखंड के साथ है और राष्ट्र सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रहा है.’’
- 16:22 (IST)उत्तराखंड की आपदा पर दुख प्रकट करते हुए बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने केंद्र सरकार से आपदा से निपटने में उत्तराखंड की हर प्रकार की सहायता तत्काल सुनिश्चित करने की मांग की है. बसपा अध्यक्ष ने ट्वीट कर केंद्र सरकार से कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के पड़ोसी राज्य उत्तराखण्ड के चमोली जिले में हिमस्खलन के बाद निचले इलाकों में हुई भारी जान-माल की तबाही की खबर अति-दुःखद. उन्होंने आगे लिखा, ‘केन्द्र इस आपदा से निपटने में राज्य सरकार की हर प्रकार की सहायता तत्काल सुनिश्चित करे, बीएसपी की यह मांग.
- 16:17 (IST)चमोली में टूटे ग्लेशियर के बाद मेरठ के हस्तिनापुर खादर क्षेत्र के 12 गांव में अलर्ट जारी किया गया है. जिलाधिकारी के .बालाजी स्वयं गंगा किनारे गांव में जायजा लेने पहुंचे हैं.
- 16:07 (IST)नदियों में आई बाढ़ के बाद गढ़वाल क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है और चमोली जिले के निचले इलाकों में खतरा देखते हुए राज्य आपदा प्रतिवादन बल और जिला प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है.
- 15:57 (IST)NTPC प्रोजेक्ट से 10 शव बरामद किए गए हैं. आशंका जताई जा रही है कि टनल में 15-20 लोगों के फंसे हो सकते हैं.
- 15:52 (IST)केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने चमोली में बाढ़ पर कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात कर उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया. संभावित घटनाक्रमों पर हमारी नजर है.
- 15:50 (IST)जोशीमठ क्षेत्र से आगे मलारी के पास एक सीमा सड़क संगठन पुल बाढ़ से बह गया है. महानिदेशक बीआरओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने अधिकारियों को जल्द से जल्द इसे ठीक करने का निर्देश दिया है.
- 15:47 (IST)उत्तराखंड सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि अगर आप प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं और आपको किसी तरह की मदद की जरूरत है तो आपदा परिचालन केंद्र के नम्बर 1070 या 9557444486 पर संपर्क करें. कृपया घटना के बारे में पुराने वीडियो से अफवाह न फैलाएं.
- 15:41 (IST)उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि बाढ़ के बाद करीब 50-100 लोग लापता हैं. दो शव मिले हैं तथा कुछ घायलों को बचाया गया है. उन्होंने कहा, ‘‘स्थिति नियंत्रण में है. हालांकि तपोवन-रैणी में स्थित बिजली संयंत्र पूरी तरह से बह गया है.’’इससे पहले, राज्य के आपदा मोचन बल की डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल ने कहा था कि ऋषिगंगा ऊर्जा परियोजना में काम करने वाले 150 से अधिक कामगार संभवत: इस प्राकृतिक आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं.
- 15:40 (IST)आईटीबीपी के प्रवक्ता ने कहा, रैणी गांव के निकट एक पुल ढहने के कारण कुछ सीमा चौकियों पर संपर्क पूरी तरह टूट गया है.
- 15:39 (IST)रामनाथ कोविंद ने ट्वीट किया, उत्तराखंड में जोशीमठ के पास ग्लेशियर टूटने के करण क्षेत्र में हुए नुकसान को लेकर काफी चिंतित हूं. लोगों की सुरक्षा और कुशलता की कामना करता हूं. मेरा विश्वास है कि वहां राहत एवं बचाव कार्य अच्छे ढंग से चल रहा है.
- 15:27 (IST)उत्तराखंड के श्रीनगर में SDRF की टीम नदी के किनारे मुआयना करने के लिए पहुंच गई है, जहां पर डैम से पानी को छोड़ा गया है ताकि पीछे से आने वाले पानी को रोका जा सके.
- 15:26 (IST)NTPC ने ट्वीट कर बयान जारी किया है. इसमें लिखा गया है कि ‘उत्तराखंड में तपोवन के पास एक हिमस्खलन ने क्षेत्र में हमारे निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना के एक हिस्से को नुकसान पहुंचाया है. जबकि बचाव अभियान जारी है, जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.’
- 15:23 (IST)उत्तराखंड में हुए इस हादस पर चिंता जाहिर करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है. केजरीवाल ने कहा, ‘चमोली ज़िले से आपदा की खबर बेहद चिंताजनक है, ईश्वर से सभी लोगों की सुरक्षा एवं कुशलता की प्रार्थना करता हूं. इस मुश्किल घड़ी में उत्तराखंड की जनता तक हर संभव मदद पहुंचाने के लिए दिल्ली सरकार तैयार है.’
- 14:58 (IST)नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क से निकलने वाली ऋषिगंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में टूटे हिमखंड से आई बाढ़ के कारण धौलगंगा घाटी और अलकनन्दा घाटी में नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया जिससे ऋषिगंगा और धौली गंगा के संगम पर बसे रैणी गांव के समीप स्थित एक निजी कम्पनी की ऋषिगंगा बिजली परियोजना को भारी नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा, धौली गंगा के किनारे बाढ़ के वेग के कारण जबरदस्त भूकटाव हो रहा है.
- 14:17 (IST) उत्तराखंड के हालात को लेकर नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक होगी. अबसे कुछ देर में होने वाली इस बैठक में गृह सचिव सहित केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय के आला अधिकारी मौजूद रहेंगे. नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के भी नुमाइंदे इस बैठक में मौजूद रहेंगे. उत्तराखंड में राहत और बचाव कार्य पर नजर रखने के लिए उच्चस्तरीय टीम का गठन किया गया है जो हालात पर नजर बनाए हुए है.
- नई दिल्ली. उत्तराखंड के चमोली जिले की ऋषिगंगा घाटी (Uttarakhand Glacier Tragedy) में रविवार को हिमखंड के टूटने से अलकनंदा और इसकी सहायक नदियों में अचानक आई विकराल बाढ़ के बाद गढ़वाल क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है. राज्य के आपदा मोचन बल (SDRF) की डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि ऋषिगंगा (Rishiganga) ऊर्जा परियोजना में काम करने वाले 150 से अधिक कामगार संभवत: इस प्राकृतिक आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं. अग्रवाल ने कहा, ‘ऊर्जा परियोजना के प्रतिनिधियों ने मुझे बताया है कि परियोजना स्थल पर मौजूद रहे 150 कामगारों से उनका संपर्क नहीं हो पा रहा है.’
बाढ़ से चमोली जिले के निचले इलाकों में खतरा देखते हुए राज्य आपदा प्रतिवादन बल और जिला प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है. हालांकि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि नदी के बहाव में कमी आई है जो राहत की बात है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.







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