- देहरादून से आपदा सचिव का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि घट’नास्थल के लिए चॉपर्स की व्यवस्था हो रही है. सिविल एविएशन डिपार्टमेंट को चॉपर्स की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं.आर्मी और आईटीबीपी से भी मदद मांगी गई है. सचिव एम मुरुगेशन ने बताया कि लोकल पुलिस समेत, रुद्रप्रयाग, देहरादून, पौडी, में टीम अल’र्ट पर है.
- 13:03(IST)उत्तराखंड हा’दसे के बाद बिजनौर, गढ़मुक्तेश्वर, कन्नौज , बिठुर, फ़तहगढ़,मिर्ज़ापुर, बनारस, प्रयागराज फरखाबाद के ज़िलाधिकारियों को अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए गए हैं. फ़िलहाल गंगा में बोटिंग, नौका विहार समेत ग्रामीण ज़िलों में लोगों को गंगा किनारे जाने के पर सख़्त रोक लगा दी गई है.
- 13:01(IST)उत्तराखंड में बांध टूटने से उत्पन्न हुई परिस्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने गंगा किनारे वाले जिलाधिकारियों को अलर्ट जारी कर दिया है.
- 12:58(IST)चमोली में घटना स्थल के लिए सीएम रवाना हो रहे हैं. सीएम ने ट्वीट कर लिखा- मैं स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहा हू – मेरी सभी से विनती है कि कृपया कोई भी पुराने video share कर panic ना फैलाएं. स्थिति से निपटने के सभी ज़रूरी कदम उठा लिए गए हैं. आप सभी धैर्य बनाए रखें.
- 12:50(IST)एसडीआरएफ कंट्रोल रूम के मुताबिक रैणि गांव के पास की उन्हें सूचना है, जहां पर डैम के पास लगभग 60 से ज्यादा लोगों के भी काम मे मौजूद रहने की जानकारी है. उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. सभी एसडीआरएफ टीमों को भेजा गया है.
हरिद्वार. उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली (Chamoli) जिले के नीति घाटी में बड़ा हादसा हो गया है. यहां ग्लेशियर टूटने से आसपास के इलाके में तबाही का आलम हो गया है. कई लोगों के बहने की आशंका जताई जा रही है. हादसे के बाद हरिद्वार जिले में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है. हरिद्वार डीएम ने गंगा घाटों को खाली कराने के आदेश दे दिए हैं. गंगा किनारे बसे लोगों को सरकारी भवनों में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है. ग्लेशियर टूटने के बाद अलकनंदा नंदी तेज उफान पर बह रही है. इसके बाद मैदानी क्षेत्रों में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. इसको लेकर लोगों को सतर्क रहने कहा गया है.
इधर दूसरी ओर ऋषिकेश में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है. यहां नदियों में रिवर राफ्टिंग पर रोक लगा दी गई है. आशंका जताई जा रही है कि आगामी 15 घंटों में टूटे ग्लेशियर का पानी ऋषिकेश पहुंच जाएगा. इससे होने वाले नुकसान से लोगों को बचाने के इंतजाम प्रशासन ने शुरू कर दिए हैं. नीचले इलाके के लोगों को अलर्ट कर वहां से शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है. प्रशासन का दावा है कि उनकी टीम कोशिश कर रही है कि इससे कम से कम नुकसान हो.
कई लोगों के बहने की आशंका
चमोली के जोशीमठ (Joshimath) से 24 किलोमीटर पैंग गांव (Pang Village) से ऊपर रविवार बहुत बड़ा ग्लेशियर फट गया (Glacier Burst) , जिसके कारण धोली नदी में अचानक बाढ़ आ गई. ग्लेशियर की बाढ़ की वजह से ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान पहुंचा है. साथ ही कुछ झूला पुल भी इसकी चपेट में आए हैं. इसके अतिरिक्त एनटीपीसी निर्माणाधीन तपोवन विष्णुगाढ़ जल विद्युत परियोजना के डैम साइड बराज साइट को भी नुकसान होने की सूचना मिल रही है. प्रशासन ने अलकनंदा नदी और धौली नदी के किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट कर दिया है, उन्हें वहां से हटने के लिए कहा जा रहा है.




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