कृषि कानूनों के खिला’फ आंदोलित किसान आज ‘चक्का जाम’ कर रहे हैं. हालांकि प्रदर्शनकारी किसानों ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में शनिवार को चक्का जाम नहीं होगा. किसान देश के अन्य हिस्सों में शांतिपूर्ण तरीके से तीन घंटे के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों को बाधित करेंगे. संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कहा कि ‘चक्का जाम’ के दौरान एंबुलेंस और स्कूल बस जैसी आवश्यक सेवाओं को नहीं रोका जाएगा. ‘चक्का जाम’ शनिवार को दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक किये जाने का प्रस्ताव है.
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि शनिवार को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चक्का जाम नहीं होगा, लेकिन इन दोनों राज्यों के किसानों को किसी भी समय दिल्ली बुलाया जा सकता है. गाज़ीपुर बार्डर प्रदर्शन स्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए टिकैत ने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में किसान छोटे समूहों में जिला मुख्यालयों में ज्ञापन सौंपेंगे. पंजाब, हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्से के हजारों किसान दिल्ली की तीन सीमाओं — सिंघू, टीकरी और गाजीपुर बार्डर पर 70 से अधिक दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह वापस लेने की मांग कर रहे हैं.






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