बेंगलुरु. सरकार ने बुधवार को आखिरकार 83 तेजस लाइट कॉम्बैट विमानों (Tejas LCA) की डील पर साइन कर दिए हैं. यह औपचारिक प्रक्रिया बेंगलुरु में आयोजित एयरो इंडिया 2021 (Aero India 2021) कार्यक्रम के दौरान की गई. इन विमानों का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Ltd) करेगा. खास बात है कि इसे स्वदेशी मिलिट्री एविएशन सेक्टर की सबसे बड़ी डील माना जा रहा है. बुधवार को एयरो इंडिया शो का भी आगाज हुआ.
रक्षा मंत्रालय के महासचिव (अधिग्रहण) वीएल कांताराव की तरफ से एचएएल के एमडी आर माधवन को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया. बेंगलुरु में एयरो इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा (BS Yediyurappa) की उपस्थिति में हुई. कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में तीन Mi-17 हेलीकॉप्टर्स ने मार्च पास्ट किया.
तेजस में क्या है खास
HAL की तरफ से बनाया जा रहा तेजस सिंगल इंजन का फुर्तीला विमान है. यह मल्टी रोल सुपरसॉनिक लड़ाकू विमान गंभीर वायु वातावरण में काम करने में सक्षम है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने बीते महीने 73 तेजस Mk-IA विमानों और 10 LCA तेजस Mk-I ट्रेनर एयरक्राफ्ट की डील को मंजूरी दी थी. इससे भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) की ताकत में काफी इजाफा होगा.
nullइस मौके पर रक्षा मंत्री सिंह ने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं कि HAL को 48 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले 83 नए स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) बनाने का ऑर्डर मिला.’ उन्होंने कहा, ‘यह शायद अब तक का सबसे बड़ा मेक इन इंडिया डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट है.’ जेट के मार्क A1 वर्जन में 43 सुधार होंगे. जिसमें कई बड़े बदलाव भी शामिल होंगे. इन सुधारों के बाद विमानों का रखरखाव आसान होगा और इसके अलावा कई चीजें बेहतर होंगी.
अंतराराष्ट्रीय निर्माता के जरिए 114 विमानों का टेंडर जारी करने के तीन साल बाद भारतीय वायुसेना देश में बनाए गए तेजस विमानों का इस्तेमाल करने के बारे में सोच रही है. भारत को प्राप्त होने वाले 123 तेजस फाइटर्स तीन वैरिएंट्स में होंगे. सभी में जनरल इलेक्ट्रिक इंजन होगा.






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