- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना महामारी के बाद पहली बार संसद में बजट पेश किया
- 11:05(IST)कृषि कानूनों पर हंगामें के बीच वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट भाषण शुरू किया.
- 10:58(IST)निचले स्तर से बाजार में सुधार देखने को मिल रहा है. सेंसेक्स नीचे से 310 अंक सुधरा है जबकि निफ्टी नीचे से 95 अंक का सुधार देखने को मिल रहा है. बैंक निफ्टी नीचे से 240 अंक सुधरा है.
- 10:57(IST)2020 मे नया पर्सनल इनकम टैक्स रेजीम लॉन्च करने की घोषणा बजट में हुई और डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम (DDT) को खत्म कर दिया गया. इसके अलावा 15 लाख रुपये तक की आमदनी वाले लोगों के लिए नए टैक्स स्लैब की घोषणा की गई. इसके मुताबिक 5 लाख तक की कमाई वाले लोगों के लिए जीरो टैक्स, 5 से 7.5 लाख पर 10% इनकम टैक्स, 7.5 लाख से 10 लाख पर 15% और 10 से 12.5 लाख तक कमाने वाले लोगों पर 20% टैक्स और 12.5 लाख से 15 लाख की कमाई पर 25% इनकम टैक्स लगाया गया.
- 10:57(IST)वर्ष 2019 में पेश अंतरिम बजट में मोदी सरकार ने इनकम टैक्स की छूट की सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये तक दिया. यानी 5 लाख रुपये तक कमाने वाले लोगों को कोई टैक्स नहीं देना पड़ा. वहीं, सैलरी क्लास के लिए 2019 में स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को 40,000 से बढ़ाकर 50,000 कियी गया.
- 10:57(IST)मोदी सरकार ने 2018 में पेश बजट में ट्रांसपोर्ट अलाउंस और मेडिकल reimbursements में 40,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन इंट्रोड्यूस किया. सीनियर सिटीजंस के लिए मेडिकल खर्च में छूट की सीमा को 30,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये किया गया. इसके बाद 3% एजुकेशन सेस को 4% हेल्थ एंड एजुकेशन सेस से बदल दिया गया.
- 10:57(IST)वर्ष 2016 में पेश आम बजट में मोदी सरकार ने इनकम टैक्स में बदलाव करते हुए सालाना 3.5 लाख रुपये आमदनी वाले लोगों के लिए टैक्स रीबेट से घटाकर 5000 रुपये से 2500 रुपये कर दिया. वहीं, 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये आमदनी वाले लोगों के लिए इनकम टैक्स रेट के 10% से घटाकर 5% कर दिया. वहीं, 50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये सालाना आमदनी वाले लोगों के लिए 10% सरचार्ज लगाया गया.
- 10:56(IST)वर्ष 2016 में पेश आम बजट में मोदी सरकार ने 5 लाख रुपये से कम आमदनी वाले रेंट पर रहने वालों को सौगात देते हुए इनकम टैक्स के सेक्शन 80GG के तहत टैक्स छूट की सीमा को 24 हजार से बढ़ाकर 60,000 रुपये कर दिया गया. Super Rich जिनका टैक्सेबल इनकम 1 करोड़ रुपये से अधिक था, उनपर सरचार्ज को 12% से बढ़ाकर 15% कर दिया. इसके अलावा जिन लोगों तो डिविडेंड के रूप में सालाना 10 लाख रुपये से अधिक मिलते हैं, उन पर 10% आईटी टैक्स लगाया गया
- 10:56(IST)मोदी सरकार ने 2015 के बजट मे वेल्थ टैक्स को खत्म कर दिया और उसके सुपर रीच (Super Rich), जिनका टैक्सेबल इनकम 1 करोड़ रुपये से अधिक है, उनपर 2% सरचार्ज लगा दिया और सरचार्ज को 10% से बढ़ाकर 12% कर दिया. NPS स्कीम के तहत 50,000 रुपये के एडिशनल डिडक्शन की घोषणा की गई. हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर मिलने वाली छूट को 15,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये किया गया.
- 10:52(IST)मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले वर्ष 2014 में वित्त वर्ष 2014-15 के लिए पेश बजट में इनकम टैक्स में छूट की सीमा को बढ़ाकर 2 लाख रुपये से 2.5 लाख रुपये कर दिया, वहीं सीनियर सिटीजंस के लिए टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये की. होम लोन पर चुकाये जाने वाले ब्याज में इनकम टैक्स डिडजक्शन की लिमिट को 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया. वहीं, इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत मिलने वाली टैक्स छूट को 1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख कर दिया.
नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने आज बहुप्रतिक्षित आम बजट (Budget 2021) पेश किया. कोरोना काल से जूझ रहे आमजन को इस बजट से टैक्स राहत की उम्मीद है. इसके साथ ही आर्थिक सुधार को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य देखभाल, बुनियादी ढांचे और पड़ोसी देशों के बढ़ते टकराव के बीच रक्षा क्षेत्र पर खर्च बढ़ाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के कदम उठाने की उम्मीद है.
यह अंतरिम बजट मोदी सरकार का नौवां बजट होगा. बता दें बजट ऐसे समय पेश हुआ, जब देश कोविड-19 संकट से बाहर निकल रहा है. लोगों को उम्मीद है कि इसमें रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास पर खर्च को बढ़ाने, विकास योजनाओं के लिये आवंटन, औसत करदाताओं के हाथों में अधिक पैसा देने और विदेशी कर को आकर्षित करने के लिये नियमों को आसान हो सकते हैं.
हाल ही में वित्त मंत्री ने कहा था कि अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष का बजट इस तरीके का होगा, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया.






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