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फरवरी से शुरू हो जाएगा गंगा पर नए पुल का निर्माण, 1800 करोड़ रुपए होंगे खर्च

महात्मा गांधी सेतु के समानांतर बनने वाले चार लेन पुल का निर्माण कार्य फरवरी में शुरू हो जाएगा। 14.50 किलोमीटर लंबे इस पुल के निर्माण पर 1794 करोड़ 37 लाख रुपए खर्च होंगे। पुल का निर्माण शुरू होने से पहले पथ निर्माण मंत्री मंगल पांडेय ने बुधवार को गायघाट परियोजना स्थल पर जाकर इसका निरीक्षण किया। उनके साथ पूर्व पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, पटना की महापौर सीता साहू और पथ निर्माण के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा भी मौजूद थे।

निरीक्षण के बाद मंत्री ने कहा कि मौजूदा गांधी सेतु के समानांतर चार लेन का पुल बनना है। बीते दिनों इसकी निविदा आदि की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब एजेंसी निर्माण कार्य शुरू करेगी। काम शुरू होने के 42 महीने में इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। पुल के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण में आठ लेन का फ्लाईओवर, 1565 मीटर लंबा 4 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर, 9 बॉक्स कलवर्ट पुलिया, 12 मीटर स्पैन के तीन और 24 मीटर स्पैन का एक अंडरपास बनेगा। इसमें 23 पाया होगा जिसमें दो पायों के बीच की दूरी लगभग 242 मीटर होगी। नए पुल के साथ 8 लेन का एप्रोच रोड भी होगा जो पटना के जीरोमाइल से शुरू होकर हाजीपुर (वैशाली) के बीएसएनएल चौक तक जाएगा।

मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित पुल परियोजना और उसका एप्रोच रोड पटना के अलावा सारण और वैशाली जिले के अंतर्गत पड़ता है। पुल का निर्माण कार्य साढ़े तीन वर्ष के भीतर पूरा कर लेने का लक्ष्य है। निर्माण के बाद अगले दस वर्षों तक पुल के रख-रखाव की जिम्मेवारी संबंधित एजेंसी की होगी। गांधी सेतु के समानांतर बनने वाला यह पुल प्रधानमंत्री पैकेज का हिस्सा है। विधानसभा चुनाव के पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका शिलान्यास किया था।

उन्होंने कहा कि सड़क-पुल आवागमन के सिर्फ साधन ही नहीं बल्कि विकास का आईना होते हैं। यह न केवल आवागमन को सहज और सरल बनाता है बल्कि सुदूर इलाकों में बसे लोगों के हितों को भी जोड़ता है। इस पुल के बनने से गंगा नदी के उत्तर और दक्षिण स्थित जिलों को उद्योग, पयर्टन, व्यापार और वाणिज्य को बेहतर परिवहन और कनेक्टिविटी के साथ महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।

एक नजर में

– 14.50 किलोमीटर लंबा होगा यह पुल

– 1794 करोड़ पुल निर्माण पर होगा खर्च

– 42 महीने में निर्माण पूरा करने का है लक्ष्य

– उत्तर से दक्षिण बिहार आना-जाना होगा आसान

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