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गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त, भारत-नेपाल को जोड़ने वाली मुख्यपथ पर हो रही गहन जांच

गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के दिल्ली काठमांडू को जोडऩे वाली मुख्यपथ पर दो तह की सुरक्षा व्यवस्था किया गया है। सीमाशुल्क उपायुक्त आशुतोष कुमार सिंह के निर्देश पर उक्त पथ के मैत्री पुल पर वाहन जांच में सख्ती बरती जा रही है। नेपाल से आने वाले वाहनों और पैदल आने  वाले लोगों का जांच किया जा रहा है। नेपाली नंबर के वाहनों का  निबंधन नंबर अंकित किया जा रहा है। इसके साथ ही लग्जरी  वाहन और संदिग्ध चरित्र के लोगों पर पैनी नजर रखी जा रही है। इधर खुला बार्डर को देखते हुए एसएसबी यानी सशस्त्र सीमाबल के जवानों को विशेष सतर्कता का निर्देश दिया है।

 इसके तहत चिन्हित स्थलों पर आधुनिक स्क्रीनिंग मशीन से इस पथ पर गठरी, मोटरी और वाहन जांच किया जा रहा है। इसके अलावे चिन्हित स्थलों पर विशेष निगरानी की जा रही हैं। ग्रामीण रास्तों पर नेपाल प्रशासन से समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर करने का आदेश दिया है। गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष सतर्कता का निर्देश दिया था। डीएसपी सागर कुमार आईएएस ने सीमावर्ती थानाध्यक्षों को नियमित गश्ती और दैनिक वाहन जांच करने का आदेश दिया है। अनुमंडल छौड़ादानो प्रखंड जो नब्बे के दशक में यानी करीब तीस पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्र था।

 उक्त सीमावर्ती प्रखंड नेपाल के बारा जिला नेपाल पुलिस अधिकारियों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों का साथ आईएएस श्री कुमार ने दो दिन पूर्व बैठक किया था। जिसमें बताया था कि देश दो अलग- अलग जरूर है। परंतु दोनों देशों के पुलिसकर्मियों के मकसद एक है। देश मे अमन चयन शांति,अपराध नियंत्रण और नागरिक सुरक्षा है। सीमावर्ती क्षेत्र के सुरक्षा एजेंसिया और पुलिसकर्मी समन्वय स्थापित कर अगर कार्य करे तो अपराध मुक्त होगा बार्डर। इसके लिए सूचनातंत्र को मजबूत करने और सूचनाओं का आदान प्रदान करने की बात कही थी। जिससे नेपाल प्रशसन ने सहमति व्यक्त किया। बता दे कि सुरक्षा एजेंसियों ने संभावना व्यक्त किया है कि भारत विरोधी संगठन के लोग खुला बार्डर का लाभ लेकर नेपाल के रास्ते भारत में दहशत फैलाने का प्रयास कर सकते हैं। जिसको लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है। 

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